आर्य युवक चरित्र निर्माण शिविर चतुर्थ दिवस जीवन में सफलता का आधार कर्म है – डॉ.अल्का आर्या (निदेशक, डी.डी.ए.) पाखंड व अंधविश्वास समाज का शत्रु – विजय भूषण आर्य

नोएडा l केन्द्रीय आर्य युवक परिषद् के तत्वावधान में एमिटी इंटरनेशनल स्कूल सेक्टर 44, नोएडा में डॉ. अमिता चौहान व डॉ. अशोक कुमार चौहान के सानिध्य में चल रहे
“आर्य युवक चरित्र निर्माण शिविर” के चतुर्थ दिवस पर विद्वानों द्वारा युवकों को कर्मफल सिद्धान्त व वैदिक सिद्धांत के विषय पर बोलते हुए दिल्ली विकास प्राधिकरण की निदेशक डॉ. अल्का आर्या ने कहा कि मनुष्य अपना कर्म करते हुए ही जीवन में सफलता को प्राप्त करता है। यही ज्ञानयोग और भक्तियोग का भी आधार है।सुख-दुख लाभ-हानि एवं यश-अपयश के हेतु स्वयं मनुष्य के कर्म हैं। उन्होने जीवन में अच्छे कर्म करने का आह्वान किया।

आचार्य विजयभूषण आर्य ने शिविरार्थियों को संगीतमय उपदेश के माध्यम से कहा कि ऋषि दयानन्द ने वेदों के प्रचार को सभी मनुष्यों का परम धर्म बताया है।युवाओं को अनेकों गीतों के माध्यम से पाखंड अंधविश्वास से बचने की प्रेरणा दी।उन्होंने ईश्वर के सर्वशक्तिमान गुण को परिभाषित करते हुए बताया कि जो अपने कार्यों को बिना किसी की सहायता के पूर्ण करे वह सर्वशक्तिमान है। उन्होने जीवन में अनुशासन अपनाने पर जोर दिया।

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केन्द्रीय आर्य युवक परिषद् के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि वेदों के अनुसार मनुष्य जीवन के लक्ष्य हैं धर्म का पालन, सत्कर्मो से अर्थ की प्राप्ति, शास्त्र के अनुसार मर्यादित जीवन व्यतीत करना तथा ईश्वर का साक्षात्कार कर मोक्ष को प्राप्त करना। इसे धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष भी कहा जाता है। सृष्टि के आरम्भ से ही हमारे पूर्वज ऋषियों, ज्ञानियों व योगियों को इन सब बातों का ज्ञान था।

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आर्य गायक रमेश चंद्र स्नेही, पिंकी आर्या के मधुर भजन हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ यज्ञ के माध्यम से आचार्य मनोज शास्त्री ने किया।
प्रमुख रूप से योगेन्द शास्त्री, सौरभ गुप्ता, नसीब सिंह, वीरेन्द्र आर्य, विकास कुमार ने योगासन , प्राणायाम,लाठी, बाक्सिंग, सैनिक शिक्षा आदि आत्म रक्षा प्रशिक्षण दिया।

प्रमुख रूप से कमल आर्य, रामकुमार आर्य,यज्ञवीर चौहान,ममता चौहान, अरूण आर्य, विवेक अग्निहोत्री,त्रिलोक सिंह, कैप. रोहित कपूर, रोहित आर्य, रामदेव आर्य, आस्था आर्या आदि उपस्थित थे।

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