गर्मियों में स्वास्थ रक्षा” पर गोष्ठी संपन्न आहार विहार का ध्यान रखना आवश्यक ओम सपरा

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नैनीताल l केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में “गर्मियों में स्वास्थ रक्षा” विषय पर ऑनलाइन गोष्ठी का आयोजन किया गया । यह करोना काल से 538 वा वेबिनार था।
वैदिक प्रवक्ता ओम सपरा ने कहा कि व्यक्ति जितना भी अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखे, फिर भी कोई न कोई लापरवाही या अनजाने में गलती हो ही जाती है और तब शरीर को उसका दंड भुगतना पड़ता है। आपने कहा कि आयुर्वेद का मुख्य सिद्धांत वात पित्त और कफ त्रिदोषों का सम अर्थात बराबर होना है। अत: हमारा कर्तव्य है की इन तीन चीजों को संतुलित रखने के लिए भोजन में पथ्य और अपथ्य की पूरी सावधानी रखें। गीता का एक श्लोक है, “युक्ताहार विहारस्य युक्त चेष्टाश्य कर्मसु। युक्ता स्वप्नो बोध्यास्य योग भवति दुखहा” इसका अर्थ है कि “जिस व्यक्ति का आहार विहार ठीक नहीं, जिस व्यक्ति की सांसारिक कार्यों के करने की निश्चित दिनचर्या नहीं है और जिस व्यक्ति की सोने जागने की निश्चित दिनचर्या नहीं है, यदि वह योग करने का दंभ रखता है तो उसे योग का कोई लाभ नहीं मिल सकता। वह योग करके भी दुखी रहता है।” अत हमें इसके अर्थ और भाव के अनुसार अपने जीवन को ढालना चाहिए। आपने कहा कि गर्मी के मौसम में इन तीन नियमों सहित कुल दस बातों का ध्यान रखना जरूरी है। चौथी बात है कि दिन के तेज धूप के समय बाहर काम से काम निकलें। शेष छह बातें इस प्रकार हैं, सर्वप्रथम अपने भोजन की दिनचर्या में एकदम परिवर्तन लाए। समय पर भोजन और शीतल घड़े का जल ग्रहण करें। फ्रिज का जल और भोजन ग्रहण न करें। गर्मी में रॉक साल्ट, खनिज नमक, जीरा, सौंफ, इलाचायची, जैसे मसाले तथा दही, कच्ची केरी का पन्ना, आम पन्ना, पुदीना, बेल का फल, ठंडाई, चटनी, चने या जौ का सत्तू, जल जीरा आदि लेना अधिक लाभप्रद होता है।
गर्मी बदन पर स्क्रैच्स या रैशेज पद जाती हैं अत: खुली स्क्रीन को ढक कर धूप में निकले और चेहरे या खुले बाजू पर सन स्क्रीन लोशन शरीर की रक्षा हेतु लगा लें। अच्छी ऐनक लगा कर आंख की रक्षा करें। पानी की बॉटल साथ रखें। सूती कपड़े पहनें। भोजन में तला गला हुआ या गरिष्ठ खाना आपको नुकसान पहुंचा सकता है, अत इससे बचें और दिन की शुरुआत में एक दो गिलास पानी नींबू सहित पिएं। हल्के फुल्के खाद्य पदार्थ, रसीले फल, संतरा, नींबू, स्तर बेरी, नारियल, सेव फल, आम, बेल या गुलाब का शरबत, तरबूज, ककड़ी, खीरा, बालम ककड़ी, अंगूर, आदि अधिक ग्रहण करें। एक आवश्यक बात है कि एसी का कम से कम प्रयोग करें और एसी के कमरे से एकदम बाहर न निकलें। अंतिम बात यह है कि आप नियमित प्रात काल में शीतली प्राणायाम भी जरूर करें। इन बातों और सावधानियों से आप गर्मी में पूर्ण सुरक्षित रहेंगे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्रिंसिपल, आर्य नेत्री विमला आहूजा ने भी स्वास्थ्य रक्षा के लिए गर्मी में लू से बचने, हल्के कपड़े पहनने और भारी खाद्य पदार्थ खाने से बचने का सुझाव दिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कुशल संचालन किया व राष्ट्रीय मंत्री प्रवीण आर्य ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
गायिका प्रविणा ठक्कर, कमलेश चांदना, जनक अरोड़ा, ईश्वर देवी, कमला हंस, कौशल्या अरोड़ा,रविंद्र गुप्ता आदि के मधुर भजन हुए।












