स्वतंत्रता संग्राम में महर्षि दयानन्द का योगदान” पर गोष्ठी संपन्न देश को स्वतंत्र करवाने का स्वप्न महर्षि दयानन्द ने लिया था- आर्य रविदेव गुप्ता नये संसद भवन में महर्षि दयानन्द का चित्र स्थापित हो-राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य

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नैनीताल l केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में “स्वतंत्रता संग्राम में महर्षि दयानन्द का योगदान” विषय पर ऑनलाइन गोष्ठी का आयोजन किया गया।यह कोरोना काल से 537 वाँ वेबिनार था।
वैदिक प्रवक्ता आर्य रविदेव गुप्ता ने कहा कि देश को स्वतंत्र करवाने का स्वप्न महर्षि दयानन्द ने देखा था।उन्होंने 1882 मे ही अपने ग्रंथ “सत्यार्थ प्रकाश ” में लिख दिया था कि कोई कितना ही करे परंतु स्वदेशी राज्य सर्वोत्तम होता है।सरदार पटेल, श्याम जी कृष्ण वर्मा,मदन मोहन मालवीय,डॉ. राधाकृष्णन,दादा भाई नैरोजी आदि ने भी इस बात की पुष्टि की है।महर्षि दयानन्द रूपी मशाल से प्रेरणा लेकर हजारों नौजवान आजादी की लड़ाई में कूद पड़े।कांग्रेस के इतिहासकार सीतारामय्या ने भी महर्षि दयानन्द को राष्ट्र पितामह से संबोधित किया था।आज स्वामी दयानन्द सरस्वती की 200 वीं जयंती पर उनके संदेश को घर घर पहुचाने की आवश्यकता है।
केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि महर्षि दयानन्द ने तार्किक शक्ति का विकास किया और लोगों के सोचने की दिशा ही बदल डाली।उन्होंने नये संसद भवन के उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि नए संसद भवन में समग्र क्रान्ति के अग्रदूत स्वामी दयानन्द का चित्र स्थापित किया जाये।
मुख्य अतिथि शिक्षाविद जगदीश पाहुजा व अध्यक्ष पूजा सलूजा ने भी उनके समाज निर्माण में योगदान की चर्चा की।राष्ट्रीय मंत्री प्रवीण आर्य ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
गायिका प्रवीना ठक्कर, रविन्द्र गुप्ता, कमलेश चांदना, कौशल्या अरोड़ा, जनक अरोड़ा, विजय खुल्लर, ईश्वर देवी, प्रेम हंस, अरुण आर्य(जम्मू) आदि के मधुर भजन हुए।












