70 वें बलिदान दिवस पर डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी को दी श्रद्धांजलि डॉ. मुखर्जी के बलिदान से कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बना -राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य

गाजियाबाद l केन्द्रीय आर्य युवक परिषद ने प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 70 वें बलिदान दिवस पर ऑनलाइन गोष्ठी कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
उल्लेखनीय है कि उनका श्री नगर (कश्मीर) में 23 जून 1953 को बलिदान हो गया था।

केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि डॉ.मुखर्जी अखण्ड भारत के स्वप्न दृष्टा थे,वह जम्मू कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहते थे जो अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा धारा 370 समाप्त कर उनके स्वप्न को पूरा कर सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की गईं है।श्री आर्य ने कहा कि डॉ मुखर्जी वीर सावरकर के प्रशंसक और हिन्दू विचारधारा के अनुगामी थे और हिन्दू हितों के लिए संघर्षरत रहे।देश की एकता अखंडता की रक्षा का संकल्प लेना ही डॉ.मुखर्जी को हमारी श्रद्धांजलि हो सकती है आज नयी युवा पीढ़ी को डॉ.मुखर्जी की विचारधारा,उपलब्धियों और बलिदान के कारणों से परिचित करवाने की आवश्यकता है,डॉ मुखर्जी के साथ आज तक न्याय नहीं हुआ है।उनके बलिदान से ही कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा बना।

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परिषद के राष्ट्रीय मंत्री प्रवीण आर्य ने कहा कि डॉ. मुखर्जी की मृत्यु के कारणों पर आज भी पर्दा पड़ा हुआ है जिसकी जांच की आवश्यकता है इसकी जांच केंद्र सरकार को शीघ्र करवानी चाहिए जिससे महान बलिदानी को न्याय मिल सके।

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देवेन्द्र भगत ने कहा कि वह महान सेनानी थे हिंदू राष्ट्र का निर्माण उनके प्रति श्रद्धांजलि हो सकती है।

आर्य नेता ओम सपरा ने कहा कि डॉ मुखर्जी युवा पीढ़ी के आदर्श हो सकते है यदि नयी पीढ़ी को उनके बारे में बताया और पढ़ाया जाए।

गायिका प्रवीणा ठक्कर, रविन्द्र गुप्ता,नरेंद्र आर्य सुमन,सुदेश आर्या, रजनी चुग,वीना वोहरा ने देशभक्ति पूर्ण गीत सुनाये।

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