वैदिक विद्वान स्वामी दीक्षानन्द जी का 20 वां स्मृति दिवस सम्पन्न। यज्ञ व वेदों के प्रचारक रहे स्वामी दीक्षानन्द- राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य

नैनीताल l केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में वेदों के प्रकांड विद्वान स्वामी दीक्षानंद जी सरस्वती का 20 वाँ स्मृति दिवस ऑनलाइन मनाया गया। उल्लेखनीय है कि आर्य समाज के दिग्गज विद्वान साहिबाबाद स्थित समर्पण शोध संस्थान के संस्थापक रहे व वैदिक साहित्य का प्रकाशन किया I
केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि स्वामी दीक्षानंद जी धीर, गम्भीर, सौम्य व वैदिक सिद्धान्तों के मनीषी थे, उनके 20 वें स्मृति दिवस पर उन्हें याद करने का अर्थ है कि हम उनके बताये रास्ते का अनुसरण करें।आज वेदों के रास्ते पर चलकर ही विश्व में शान्ति स्थापित हो सकती है। स्वामी दीक्षा नंद जी का अद्भूत व्यक्तित्व था उन्होंने सारा जीवन वेद प्रचार मे लगाया I
राष्ट्रीय मंत्री प्रवीण आर्य
ने श्रद्धांजलि अर्पित
करते हुए उन्हें वेदों का महान प्रसारक बताया।
आर्य जगत में बड़े बड़े बहुकुण्डिय यज्ञों की शुरुआत स्वामी दीक्षानंद जी ने ही कि थी। उनका सम्पूर्ण जीवन समाज व राष्ट्र को लंबे समय तक मार्ग प्रशस्त करता रहेगा,आर्य युवाओं को उनसे विशेष प्रेरणा लेनी चाहिए।
वैदिक प्रवक्ता अनिता रेलन व योगाचार्य श्रुति सेतिया
ने कहा कि स्वामी दीक्षानंद जी ने अपना पूरा जीवन यज्ञ, महर्षि दयानंद व वेदों के प्रचार के लिए समर्पित कर दिया।उनका विराट सौम्य व्यक्तित्व पहली बार में ही सबको अपना बना लेता था।
आर्य नेत्री रजनी चुघ ने कहा कि स्वामी जी के
निराले व्यक्तित्व से सभी प्रभावित हो जाते थे।
गायिका प्रवीना ठक्कर, सरला बजाज, ईश्वर देवी, रजनी गर्ग, प्रतिभा खुराना , जनक अरोड़ा, कौशल्या अरोड़ा,कमला हंस, सुनीता आहूजा आदि के मधुर भजन हुए I












