लोन चुकता होने के महीनों बाद बैंक ने बंद किया खाता, फिर भी गारंटर बिलाल अली का सिविल खराब

नैनीताल। बैंकों की कछुआ चाल और लापरवाही का एक बड़ा खामियाजा ऋण गारंटर को भुगतना पड़ रहा है। मुख्य कर्जदार के परिवार द्वारा पूरा पैसा जमा करने के महीनों बाद तक बैंक ने खाता बंद नहीं किया। अब जब खाता बंद भी हुआ, तो पीड़ित गारंटर का सिविल स्कोर इस कदर खराब हो चुका है कि बैंक उन्हें नया लोन देने से साफ मना कर रहा है।
मामला बिलाल अली से जुड़ा है। उन्होंने उमा देवी नाम की महिला के करीब 3 लाख 22 हजार रुपये के लोन में गारंटी दी थी। वर्ष 2024 में उमा देवी की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। इसके बाद, दिवंगत महिला के बच्चों ने ईमानदारी दिखाते हुए वर्ष 2025 मार्च माह में ही लोन की पूरी बकाया राशि बैंक में जमा कर दी थी।हैरानी की बात यह है कि मार्च 2025 में पूरा पैसा मिलने के बावजूद बैंक महीनों तक हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा और पिछले माह ही (लंबे समय बाद) इस लोन अकाउंट को कागजों में बंद किया। बैंक की इस लेटलतीफी का सीधा असर बिलाल अली के सिविल रिकॉर्ड पर पड़ा।बिलाल अली जब स्वयं उक्त बैंक में अपने लिए लोन लेने पहुंचे, तो बैंक अधिकारियों ने इसी पुराने मामले का हवाला देते हुए उनका सिविल खराब होने की बात कही और लोन देने से इनकार कर दिया। पीड़ित बिलाल अली का कहना है कि जब मार्च 2025 में ही पैसा जमा हो गया था, तो बैंक ने खाता बंद करने में इतनी देरी क्यों की? उन्होंने उच्च अधिकारियों से उनका सिविल रिकॉर्ड तुरंत ठीक कराने और जल्द से जल्द नया लोन स्वीकृत करने की मांग की है।

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