तिब्बत राष्ट्र विद्रोह दिवस की 64वीं वर्षगांठ पर तिब्बती समुदाय के लोगो ने चीन के खिलाफ आक्रोश जताया

नैनीताल। तिब्बत राष्ट्र विद्रोह दिवस की 64वीं वर्षगांठ पर तिब्बती समुदाय के लोगो ने चीन के खिलाफ आक्रोश जताया और रविवार को संयुक्त रूप से इसके विरोध में तिब्बती बाजार में धरना प्रदर्शन किया। धरने में तिब्बती समुदाय के लोगों ने तिब्बत की वर्तमान स्थिति पर चिंता जाहिर करते हुए अपनी दुकानें बंद रख धरना देकर चीन की नीतियों का विरोध किया।
रविवार को तिब्बती बाजार में हुए विरोध प्रदर्शन में महिलाओ ने कहा कि चीन अधिकृत तिब्बत के हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। इससे तिब्बत में रह रहे लोगों का जीवन दूभर हो चला है। तिब्बती समुदाय के लोगों की दयनीय स्थिति और वहां की वर्तमान परिस्थिति के बारे में दुनिया को पता ना चले इसके लिए चीन अधिकृत तिब्बत में पर्यटन संबंधी गतिविधियां और मीडिया पर पाबंदी लगा दी गई है। विरोध रैली में समुदाय से तिब्बत की संस्कृति को बचाए रखने की अपील की। उन्होने कहा कि हर साल 10 मार्च को क्रांति दिवस भी मनाया जाता है। तिब्बती महिलाओं ने संयुक्त राष्ट्र से मांग की है कि वह दलाई लामा के प्रतिनिधियों को चीन से रिहा करने के संबंध में वार्ता करें। उन्होंने कहा कि 1959 में चीनियों के जबरन तिब्बत पर कब्जे के विरोध में यह दिवस हर साल मनाया जाता है। धरना प्रदर्शन में 2 दर्जन से अधिक तिब्बती समुदाय के लोग मौजूद थे l

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