वर्धावस्था की समस्याएं और निदान ” पर गोष्ठी संपन्न बुढ़ा नहीं अपितु वरिष्ठ नागरिक समझें -डॉ. सुषमा आर्या

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नैनीताल l केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान “
वर्धावस्था की समस्याएं और निदान ” विषय पर ऑनलाइन गोष्ठी का आयोजन किया गया I य़ह करोना काल से 528 वाँ वेबिनार था I
आयुर्वेदाचार्य डॉ. सुषमा आर्या ने कहा कि
वर्धावस्था में अपने आप को बुढ़ा नहीं अपितु वरिष्ठ नागरिक समझना चाहिए I साथ ही घर में रहते हुए अपने अधिकार छोड़ कर मस्ती का जीवन यापन करना चाहिए तभी जीवन का आनंद ले पाओगे I उन्होंने कहा कि जीवन की चार अवस्थाएं होती है बचपन,जवानी,प्रौढ़ावस्था
वृद्धावस्था जो अनेक समस्याएं लेकर आती है शरीर के शिथिल होने के कारण जीवन शक्ति कम हो जाती हैं रक्तचाप बिगड़ने लगता है। आंखों में मोतियाबिंद,हाइपरटेंशन ,
कम सुनाई देना, शुगर, हृदय रोग ,कब्ज की व तनाव की समस्या, एकाकीपन,खाने-पीने का स्वाद खराब हो जाना और निमोनिया आदि समस्याएं सताने लगती हैं इसके लिए व्यक्ति को मन से इस अवस्था को स्वीकार करने के लिए तैयार रहना चाहिए योग- प्राणायाम, स्वाध्याय मन को मस्तिष्क को मजबूत बनाते हैं जिससे हम रोगों से बचे रह सकते हैं मखाने ,अलसी,कलौंजी ,
खजूर ,अंजीर इत्यादि शरीर को ताकत देने के काम आते हैं, पानी पीते रहना धनिया, छोटी इलायची का सेवन करने से समस्याओं से बचा जा सकता है दूध के साथ इसबगोल लेना चाहिए इसी के साथ बादाम इलायची और मिश्री अगर मिला लेते हैं तो इससे ताकत बड़ती है सलाद, हरी सब्जियां, पपीता, नारियल पानी सात रंगों की सब्जियां मुलेठी आदि का सेवन शरीर को रोगों से बचाए रखता है गहरी सांस लेना ,सैर करना भजन सुनना, संगीत सुनना परेशानियों को कम कर देता है I
मुख्य अतिथि डॉ. रचना चावला व अध्यक्ष चन्द्र कांता गेरा (कानपुर) ने भी जीवन को प्रसन्न व खुशहाल बनाने के सुझाव दिये I केंद्रीय आर्य युवक परिषद के अध्यक्ष अनिल आर्य ने संचालन करते हुए वर्धावस्था को अभिशाप नहीं वरदान बताया I राष्ट्रीय मंत्री प्रवीन आर्य ने धन्यवाद ज्ञापन किया I
गायिका प्रवीना ठक्कर, कमला हँस, नीलम गुप्ता, सुनीता अरोड़ा, विजय खुल्लर, रचना वर्मा, रजनी चुग, रजनी गर्ग, जनक अरोड़ा, कृष्णा गांधी,
कुसुम भंडारी आदि के मधुर भजन हुए I












