मीरा, राधा, रुक्मणी, यशोदा, देवकी सभी भक्ति त्याग और समर्पण के प्रतीक हैं

नैनीतालl नव साँस्कृतिक सत्संग समिति, शेर का डांडा की पहल पर नैनीताल के सात नंबर क्षेत्र में चल रही श्री मद भागवत कथा में श्रद्धालुओं द्वारा भारी संख्या मे व्यास श्री नमन कृष्ण जी महाराज द्वारा दिए गए तत्त्वज्ञान का पान किया।
व्यास जी द्वारा जीवन के बहुत गूढ़ रहस्यों को बड़ी कर्णप्रिय कथाओं के माध्यम से प्रस्तुत कर सभी को प्रेरित किया।
मूलत: प्रभु भक्ति में लगने से व्यक्तित्व में तेज आता है और वही तेज हमें युवा बनाए रखता है। जरासंध युद्ध की कथा के द्वारा कृष्ण के रणछोड़ नाम पड़ने की कथा बताते हुए व्यास जी ने कहा कि अपने भक्तों के प्राण बचाने के लिए जिस प्रकार प्रभु की अनेक लीलाओं का वर्णन आता है उस प्रकार मनुष्य को भी एक दूसरे के जीवन को बचाने के लिए जरूरत पड़ने पर सहयोग हेतु आगे आना चाहिए, ताकि समाज मे सभी का विकास हो सके।

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सप्तम दिवस पर यजमानों के रूप मे समिति के अध्यक्ष खुशहाल रावत, उपाध्यक्ष संतोष पंत, सचिव पी सी पांडे सहित लक्ष्मण सिंह बिष्ट, कंचन चंदोला, कैलाश चंद्र जोशी, विपिन पंत, मोहन जोशी, इंद्र सिंह रावत, दिनेश पांडे, दीपक जोशी, ललित गिरी गोस्वामी, गोपाल सिंह बोरा, हिमांशु भट्ट, ललित मोहन तिवारी आदि द्वारा योगदान दिया गया।

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सप्तम दिवस की कथा के दौरान कृष्ण के विवाह की सुन्दर लीला प्रस्तुत की गयी, जिसमें दीपक जोशी द्वारा कृष्ण का शानदार अभिनय और वृंदावन के कलाकारों एवं संगीतकार विमल दास की प्रस्तुतियां विशेष रूप से सराही गई।

समापन अवसर पर आयोजित भव्य भंडारे की तैयारियों में प्रकाश चंदोला, वीरेंद्र बिष्ट, उमेश सनवाल, डाo हिमांशु पांडे, नीरज डालाकोटी, ललित जोशी, विकास बड़ोला, बबलू रावत आदि सैकड़ों श्रद्धालुओं द्वारा योगदान दिया जा रहा है। कथा की समाप्ति पर सात नंबर क्षेत्र की महिला भजन मंडली द्वारा आकर्षक भजन संध्या का आयोजन किया गया।

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