नवोदित सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय को सुदृढ़ संस्थागत आधार देने में प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट का कार्यकाल रहा उल्लेखनीय

नैनीताल। 21 सितंबर को एसएसजे विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में कार्यकाल होगा पूर्ण, 22 सितंबर को कुमाऊँ विश्वविद्यालय के कुलपति का संभालेंगे दायित्वअल्मोड़ा/नैनीताल, 20 सितंबर 2026।सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट का कार्यकाल 21 सितंबर 2026 को पूर्ण हो रहा है। इसके उपरांत वे 22 सितंबर 2026 को कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल के कुलपति के रूप में कार्यभार ग्रहण करेंगे।सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय जैसे नवस्थापित विश्वविद्यालय के संस्थागत निर्माण और सुदृढ़ीकरण के महत्वपूर्ण दौर में प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट का कार्यकाल अकादमिक विकास, शोध, परीक्षा सुधार, नवाचार, मानव संसाधन विकास तथा विशेष रूप से विश्वविद्यालय के चारों परिसरों के व्यापक अवस्थापना एवं आधारभूत ढांचे के विकास के लिए उल्लेखनीय रहा है।प्रो. बिष्ट के कार्यकाल में विश्वविद्यालय के चारों परिसरों—अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर एवं चंपावत—के समग्र विकास को प्राथमिकता दी गई। शैक्षणिक भवनों, व्याख्यान कक्षों, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालयों, आईटी सुविधाओं तथा अन्य आवश्यक परिसर अवसंरचना के उन्नयन की दिशा में व्यापक कार्य किए गए।अवसंरचना विकास रहा प्रमुख केंद्रबिंदुप्रो. बिष्ट के कार्यकाल में अवसंरचना विकास को विश्वविद्यालय की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया गया। चारों परिसरों में शैक्षणिक व्याख्यान कक्षों, प्रयोगशालाओं तथा अन्य परिसर सुविधाओं का उन्नयन किया गया। विद्यार्थियों के लिए आधुनिक शिक्षण वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से कक्षाओं में अत्याधुनिक इंटरैक्टिव बोर्ड लगाए गए तथा कंप्यूटर विज्ञान प्रयोगशाला का आधुनिकीकरण किया गया।विश्वविद्यालय के चारों परिसरों के व्यापक आधुनिकीकरण एवं अवस्थापना विकास के लिए ₹200 करोड़ से अधिक के प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार के समक्ष प्रस्तुत किए गए। राज्य सरकार से प्राप्त स्वीकृतियों के उपरांत इन प्रस्तावों के लिए वित्तीय सहायता चरणबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जा रही है, जिसके आधार पर चारों परिसरों में आधुनिकीकरण एवं अवस्थापना विकास के कार्य विभिन्न चरणों में गतिमान हैं।इस पहल का उद्देश्य चारों परिसरों को आधुनिक शैक्षणिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना तथा विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को बेहतर शिक्षण-अध्ययन एवं शोध वातावरण उपलब्ध कराना रहा है।अत्याधुनिक प्रशासनिक भवन का निर्माण एवं लोकार्पणप्रो. बिष्ट के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के अत्याधुनिक प्रशासनिक भवन का निर्माण शामिल है। प्रशासनिक भवन का निर्माण पूर्ण होने के उपरांत उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा इसका लोकार्पण किया गया। वर्तमान में विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कार्य इसी भवन से संचालित किए जा रहे हैं।यह प्रशासनिक भवन नवस्थापित विश्वविद्यालय के संस्थागत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और विश्वविद्यालय को आधुनिक प्रशासनिक आधारभूत संरचना उपलब्ध कराता है।तीन परिसरों में शिक्षकीय एवं शिक्षणेत्तर पदों का सृजनप्रो. बिष्ट के कार्यकाल की एक अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धि विश्वविद्यालय के पिथौरागढ़, बागेश्वर एवं चंपावत परिसरों में शिक्षकीय एवं शिक्षणेत्तर मानव संसाधन के सुदृढ़ीकरण के रूप में सामने आई।इन तीनों परिसरों की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पदों के सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। राज्य स्तर पर इन परिसरों के लिए शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर संवर्ग में 244 पदों का सृजन किया गया। इससे इन परिसरों को आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने तथा उन्हें अधिक सुदृढ़ एवं पूर्ण विकसित शैक्षणिक परिसरों के रूप में विकसित करने का आधार तैयार हुआ।अल्मोड़ा परिसर में भी शैक्षणिक मानव संसाधन के विस्तार की पहलअल्मोड़ा परिसर में शैक्षणिक रिक्तियों को भरने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की गई। प्रोफेसर के 10, एसोसिएट प्रोफेसर के 20, असिस्टेंट प्रोफेसर के 58 तथा सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष के एक पद सहित कुल 89 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया।इस प्रकार, प्रो. बिष्ट के कार्यकाल में विश्वविद्यालय के चारों परिसरों के भौतिक आधारभूत ढांचे के साथ-साथ मानव संसाधन क्षमता के विस्तार पर समान रूप से ध्यान दिया गया।शोध एवं अकादमिक गतिविधियों को मिला विस्तारप्रो. बिष्ट के कार्यकाल में विश्वविद्यालय में शोध गतिविधियों को संस्थागत रूप देने के लिए शोध समिति, शोध सलाहकार समिति तथा शोध उपाधि समिति का गठन किया गया। देश के महत्वपूर्ण शोध संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापनों के माध्यम से अकादमिक एवं शोध सहयोग को बढ़ावा दिया गया।उच्च शिक्षा में शोध कार्यों को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत विश्वविद्यालय के चार शिक्षकों की शोध परियोजनाएं स्वीकृत हुईं, जबकि यूकॉस्ट द्वारा तीन फैकल्टी सदस्यों की विभिन्न शोध परियोजनाओं को भी स्वीकृति प्रदान की गई।विश्वविद्यालय में स्वामी विवेकानंद-महात्मा गांधी आध्यात्मिक पर्यटन परिपथ अध्ययन केंद्र, मनोविज्ञान विभाग में हैप्पीनेस लैब तथा विभिन्न परिसरों में देवभूमि उद्यमिता केंद्रों जैसी नई पहलें प्रारंभ की गईं। फॉरेंसिक साइंस, फोटोग्राफी, एनसीसी तथा स्वामी विवेकानंद दर्शन, मेडिटेशन, व्यक्तित्व एवं कौशल विकास से संबंधित पाठ्यक्रमों के विकास की दिशा में भी कार्य किया गया।राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप अकादमिक सुधारराष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप संचालित पाठ्यक्रमों के लिए पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, पुस्तक मेलों के आयोजन तथा अकादमिक संसाधनों के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया। कंप्यूटर विज्ञान प्रयोगशाला का आधुनिकीकरण किया गया तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संबंधित पाठ्यक्रमों की दिशा में कार्य प्रारंभ किया गया।परीक्षा एवं परिणामों में समयबद्धताप्रो. बिष्ट के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में परीक्षा एवं परिणाम प्रणाली में समयबद्धता भी रही। वर्ष 2026 में विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षाओं का आयोजन रिकॉर्ड 36 दिनों में पूरा किया गया। 12 मई 2026 को प्रारंभ हुई परीक्षाएं 2 जून 2026 को संपन्न हुईं तथा पहला परीक्षा परिणाम 20 जून 2026 को घोषित किया गया।राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत संचालित स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों के परिणाम प्रदेश में सबसे पहले घोषित करने पर उच्च शिक्षा मंत्री द्वारा विश्वविद्यालय को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।प्रथम दीक्षांत समारोह बना महत्वपूर्ण पड़ाव18 जून 2026 को सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय का प्रथम दीक्षांत समारोह सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। नवस्थापित विश्वविद्यालय के संस्थागत विकास की दृष्टि से यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही। इसी अवसर पर विद्यार्थियों को विधिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए ‘विधि सहयोगी ऐप’ का विमोचन तथा ‘पत्रकारिताः भविष्य, संभावनाएं एवं चुनौतियां’ पुस्तक का विमोचन भी किया गया।विद्यार्थी-केंद्रित पहल और नवाचारविश्वविद्यालय में निराश्रित, अनाथ एवं मेधावी विद्यार्थियों को निःशुल्क उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के प्रयास, विद्यार्थियों को ड्रोन तकनीक का प्रशिक्षण, आधुनिक इंटरैक्टिव बोर्ड के माध्यम से अध्यापन, पुस्तकालयों में नई पुस्तकों की उपलब्धता तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए संसाधनों का विस्तार जैसी अनेक विद्यार्थी-केंद्रित पहलें की गईं।खेल एवं एनसीसी के क्षेत्र में भी विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां अर्जित कीं। विश्वविद्यालय की खिलाड़ी निकिता चंद ने जकार्ता, इंडोनेशिया में आयोजित बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भारतीय टीम का नेतृत्व करते हुए रजत पदक प्राप्त किया।कुमाऊँ विश्वविद्यालय को मिलेगा संस्थान निर्माण का अनुभवसोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय जैसे नवोदित विश्वविद्यालय के संस्थागत विकास के महत्वपूर्ण चरण में प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट द्वारा अर्जित अनुभव अब कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल की नई जिम्मेदारी में उपयोगी होगा।विशेष रूप से चारों परिसरों के व्यापक अवस्थापना विकास, अत्याधुनिक प्रशासनिक ढांचे के निर्माण, शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर मानव संसाधन के विस्तार, शोध एवं नवाचार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप अकादमिक सुधार तथा विद्यार्थी-केंद्रित व्यवस्थाओं के विकास का अनुभव उनके आगामी दायित्व में महत्वपूर्ण आधार प्रदान करेगा।सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय परिवार ने प्रो. बिष्ट के कार्यकाल में विश्वविद्यालय के संस्थागत, अकादमिक एवं अवस्थापना विकास के लिए किए गए प्रयासों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके आगामी दायित्व के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।











