स्वास्थ्य जांच से लेकर जागरूकता तक, ज्योलिकोट में विभाग की निगरानी लगातार जारी

नैनीताल । मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत के निर्देश पर ज्योलिकोट प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ जनजागरूकता गतिविधियों को भी लगातार संचालित किया जा रहा है। आज चोपड़ा में 24, ज्योली में 14 तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट में 27 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। आवश्यकतानुसार दवाइयां वितरित की गईं। इस दौरान 20 ब्लड टेस्ट किए गए, 93 लोगों की काउंसलिंग की गई तथा 2 लोगों को उपचार के लिए भर्ती किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर एवं निगरानी गतिविधियां लगातार जारी रहेंगी। उन्होंने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) की टीमों के माध्यम से ज्योलिकोट प्रभावित क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं संबंधित स्टाफ को सुरक्षित पेयजल, हाथों की स्वच्छता, भोजन की स्वच्छता, जलजनित रोगों के लक्षण, बचाव के उपाय तथा समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने के संबंध में जागरूक किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जिला सर्विलांस अधिकारी, नैनीताल एवं प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, भीमताल को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्र में सर्विलांस, सैंपलिंग, जांच, उपचार, रेफरल एवं अन्य संबंधित गतिविधियों की नियमित एवं समयबद्ध रिपोर्टिंग निर्धारित प्रारूप एवं पोर्टल पर सुनिश्चित की जाए। आवश्यकता के अनुसार टेली-मॉनिटरिंग एवं टेली-कंसल्टेंसी की व्यवस्था को निरंतर संचालित रखा जाए तथा गंभीर मरीजों को समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा एवं उचित रेफरल उपलब्ध कराया जाए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने क्षेत्रवासियों से डेंगू, मलेरिया एवं एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) से बचाव के लिए भी विशेष सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि घरों एवं आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं, स्वच्छ एवं सुरक्षित पानी का सेवन करें तथा भोजन एवं हाथों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। बुखार, उल्टी-दस्त, पीलापन, बदन दर्द, तेज सिरदर्द, सांस लेने में परेशानी अथवा अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श लें।








