मांगों को लेकर बीएसएनएल कर्मियों का धरना शुरू,संगठनात्मक पुनर्गठन वापस लेने की उठाई मांग

नैनीताल। ऑल यूनियन एंड एसोसिएशन ऑफ बीएसएनएल, उत्तराखंड सर्किल के आह्वान पर बुधवार से बीएसएनएल कर्मचारियों ने मांगों को लेकर दो दिवसीय धरना शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने संगठनात्मक पुनर्गठन योजना वापस लेने, वेतन संशोधन लागू करने और लंबित भत्तों का निस्तारण करने की मांग उठाई।

ऑल यूनियन एंड एसोसिएशन ऑफ बीएसएनएल-उत्तराखंड सर्किल के आह्वान पर बीएसएनएल कर्मचारियों ने बुधवार से दो दिवसीय धरना शुरू कर दिया। संगठन के अनुसार 28 और 30 जुलाई को यह विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। पहले दिन कर्मचारियों ने धरना देकर अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड स्टेट रैंकिंग बिलियर्ड्स एवं स्नूकर चैंपियनशिप 16 सितंबर से देहरादून में

कर्मचारियों ने उत्तराखंड में प्रस्तावित संगठनात्मक पुनर्गठन (पायलट प्रोजेक्ट) को पूरी तरह वापस लेने, एक जनवरी 2017 से लंबित तीसरे वेतन संशोधन (वेज रिवीजन) को लागू करने तथा ‘अफोर्डेबिलिटी क्लॉज’ में ढील देकर कर्मचारियों के लिए मंजूरी देने की मांग की। इसके अलावा करियर प्रोग्रेशन से जुड़े मामलों का समाधान, ग्रामीण क्षेत्रों में तैनात कर्मचारियों के लिए एचआरए व विशेष भत्तों में वृद्धि, टेन्योर स्टेशन पर तैनाती अवधि कम करने तथा सभी लंबित भत्तों और एनईपीपी से जुड़े मामलों का शीघ्र निस्तारण करने की भी मांग उठाई।

यह भी पढ़ें 👉  कुमाऊं विश्वविद्यालय के योग विभाग के स्नातक के डी एस सी के विद्यार्थी प्रियांशु ने जयपुर राजस्थान में संपन्न हुई आर्टिस्टिक सोलो के ट्रेडिशनल एवरंट में पहला स्थान हासिल किया

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वर्तमान पुनर्गठन नीति से कर्मचारियों के जबरन स्थानांतरण की आशंका है, जिससे नेटवर्क संचालन, ग्राहक सेवाओं और व्यावसायिक गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने बीएसएनएल हित में पुनर्गठन आदेश तत्काल वापस लेने की मांग की। इस दौरान विकास मेहरा एसडीओ, पीसी बिनवाल एसडीओ, भास्कर दास जेटीओ, दीपक सिंह भंडारी, पीड़ी जोशी, रोहन प्रसाद, वाहिद हुसैन, विक्रम सिंह, मदन सिंह, कमल आर्य मौजूद रहे।

Advertisement
Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad