पर्यटक आवास गृह काठगोदाम को पर्यटकों यात्रियों के लिए खोला जाए दिनेश गुरुरानी

काठगोदाम l संयुक्त कर्मचारी महासंघ कुमाऊं मंडल विकास निगम के अध्यक्ष दिनेश गुरुरानी ने कहा कि कुमाऊं द्वार के नाम से प्रसिद्ध कुमाऊं मंडल विकास निगम का पर्यटक आवास गृह काठगोदाम जिसे अतिक्रमण के चलते जिला प्रशासन द्वारा पूर्णतः ध्वस्त करने की करवाई चलने वाली है। आखिर इसे पूर्णतः ध्वस्त क्यों किया जा रहा है। जिसका महासंघ द्वारा पूर्व से ही विरोध किया जा रहा है। गुरुरानी ने कहा कि पर्यटक आवास गृह काठगोदाम जो कुमाऊं में आने वाले पर्यटकों की आवाजाही का केंद्र रहा है। जहां से कुमाऊं के सभी केदो की जानकारी मिलती है ।पवित्र कैलास मानसरोवर यात्रा व आदि कैलाश यात्रा का भी संचालन इसी आवास गृह से होता है अभी अगस्त अंतिम सप्ताह से आदि कैलाश यात्रा पुनः चालू होने वाली है फिर यात्रा का संचालन कहां से किया जाएगा। रेलवे के नजदीक होने से पर्यटकों को भी यहां से जानकारी मिल जाती है‌ वशिष्ठ व अति विशिष्ट लोगों के भी ठहरने का केंद्री यही है। मानको के तहत अतिक्रमण पर अगर कार्रवाई होती है तो केवल आवास गृह का पार्किंग क्षेत्र ही टूटता है । जिसकी भरपाई आवास गृह के पीछे लगी परिवहन विभाग की जमीन से जमीन लेकर की जा सकती है। आवास गृह के अगल-बगल में जब मानको के तहत कार्रवाई हो रही है तो फिर पर्यटक आवास गृह काठगोदाम पर मानकों से ज्यादा अतिक्रमण दिखाकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई क्यों की जा रही है। इस संबंध में महासंघ के द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी को पूर्व में ही पत्र दिया गया जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। माननीय पर्यटन मंत्री जी को भी महासंघ द्वारा अवगत कराया गया जिस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। महासंघ द्वारा आयुक्त कुमाऊं मंडल दीपक रावत जी से इस धरोहर को बचाने हेतु मांग पत्र दिया गया जिस पर उनके द्वारा कहा गया कि आवास गृह का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा ।महासंघ पुनः सरकार से मांग की है कि इस आवास गृह को बचाया जाए क्योंकि यह कुमाऊं का द्वार है। और धरोहर है। जिसे देश विदेश के पर्यटक जानते है । जहां से संपूर्ण कुमाऊं की जानकारी भी मिलती है। अभी भी पर्यटक वहां पर आ रहे हैं। महासंघ यह जानना चाहता है कि सरकार द्वार इस आवास गृह में लाखों रुपया खर्च करने के बाद इसे हाईटेक बनाया गया है। फिर एकाएक इसे क्यों ध्वस्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही इसे पर्यटकों को यात्रियों के लिए खोला जाए। संयुक्त कर्मचारी महासंघ कुमाऊं मंडल विकास निगम के अध्यक्ष दिनेश गुरुरानी ने कहा कि कुमाऊं द्वार के नाम से प्रसिद्ध कुमाऊं मंडल विकास निगम का पर्यटक आवास गृह काठगोदाम जिसे अतिक्रमण के चलते जिला प्रशासन द्वारा पूर्णतः ध्वस्त करने की करवाई चलने वाली है। आखिर इसे पूर्णतः ध्वस्त क्यों किया जा रहा है। जिसका महासंघ द्वारा पूर्व से ही विरोध किया जा रहा है। गुरुरानी ने कहा कि पर्यटक आवास गृह काठगोदाम जो कुमाऊं में आने वाले पर्यटकों की आवाजाही का केंद्र रहा है। जहां से कुमाऊं के सभी केदो की जानकारी मिलती है ।पवित्र कैलास मानसरोवर यात्रा व आदि कैलाश यात्रा का भी संचालन इसी आवास गृह से होता है अभी अगस्त अंतिम सप्ताह से आदि कैलाश यात्रा पुनः चालू होने वाली है फिर यात्रा का संचालन कहां से किया जाएगा। रेलवे के नजदीक होने से पर्यटकों को भी यहां से जानकारी मिल जाती है‌ वशिष्ठ व अति विशिष्ट लोगों के भी ठहरने का केंद्री यही है। मानको के तहत अतिक्रमण पर अगर कार्रवाई होती है तो केवल आवास गृह का पार्किंग क्षेत्र ही टूटता है । जिसकी भरपाई आवास गृह के पीछे लगी परिवहन विभाग की जमीन से जमीन लेकर की जा सकती है। आवास गृह के अगल-बगल में जब मानको के तहत कार्रवाई हो रही है तो फिर पर्यटक आवास गृह काठगोदाम पर मानकों से ज्यादा अतिक्रमण दिखाकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई क्यों की जा रही है। इस संबंध में महासंघ के द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी को पूर्व में ही पत्र दिया गया जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पर्यटन मंत्री को भी महासंघ द्वारा अवगत कराया गया जिस पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। महासंघ द्वारा आयुक्त कुमाऊं मंडल दीपक रावत जी से इस धरोहर को बचाने हेतु मांग पत्र दिया गया जिस पर उनके द्वारा कहा गया कि आवास गृह का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा । महासंघ पुनः सरकार से मांग की है कि इस आवास गृह को बचाया जाए क्योंकि यह कुमाऊं का द्वार है। और धरोहर है। जिसे देश विदेश के पर्यटक जानते है । जहां से संपूर्ण कुमाऊं की जानकारी भी मिलती है। अभी भी पर्यटक वहां पर आ रहे हैं। महासंघ यह जानना चाहता है कि सरकार द्वार इस आवास गृह में लाखों रुपया खर्च करने के बाद इसे हाईटेक बनाया गया है। फिर एकाएक इसे क्यों ध्वस्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही इसे पर्यटकों को यात्रियों के लिए खोला जाए।

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