कन्या गुरुकुल परिसर, देहरादून में दीक्षारम्भ–छात्र प्रेरणा कार्यक्रम, गांधी जयंती एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत वृक्षारोपण का आयोजन,भारतीय संस्कृति, गुरुकुल परंपरा, गांधी जयंती एवं पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम”


देहरादून, 1 अक्टूबर 2026 गुरुकुल कांगड़ी (समविश्वविद्यालय), हरिद्वार के कन्या गुरुकुल परिसर, देहरादून में नवप्रवेशी छात्राओं के लिए दीक्षारम्भ–छात्र प्रेरणा कार्यक्रम, गांधी जयंती तथा राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में “स्वयं से पहले आप” अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को भारतीय संस्कृति, गुरुकुल परंपरा,गांधी जी के प्रिय भजनों, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक एवं प्रेरित करना था।
कार्यक्रम का शुभारम्भ वैदिक परंपरा के अनुसार यज्ञ, दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना, मंगलाचरण एवं संगठन सूत्र के साथ हुआ।
इस अवसर पर डॉ. सुनीता ने “वेद एवं आर्य समाज” विषय पर व्याख्यान देते हुए महर्षि दयानन्द सरस्वती, स्वामी श्रद्धानन्द एवं आचार्य रामदेव के जीवन एवं आदर्शों से छात्राओं को परिचित कराया। उन्होंने कहा कि गुरुकुल शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञानार्जन नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, राष्ट्रभक्ति और मानवता की सेवा की भावना का विकास करना है।
डॉ. अर्चना डिमरी ने “भारतीय संस्कृति और गुरुकुल परंपरा” विषय पर अपने उद्बोधन में भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कारों एवं नैतिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं से गुरुकुल की गौरवशाली परंपराओं को आत्मसात करने का आह्वान किया। इसके उपरांत प्रो. हेमन पाठक ने विश्वविद्यालय के इतिहास, दर्शन, उद्देश्यों, शैक्षणिक संरचना, विभिन्न संकायों, विभागों एवं पाठ्यक्रमों का विस्तृत परिचय दिया। उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना के आदर्श वाक्य “स्वयं से पहले आप” की व्याख्या करते हुए कहा कि शिक्षा तभी सार्थक है जब वह समाज और राष्ट्र के कल्याण में योगदान दे।
इसी के अंतर्गत राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में वृक्षारोपण अभियान आयोजित किया गया। इस अवसर पर स्वयंसेवकों एवं छात्राओं ने परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपित कर उनके संरक्षण का संकल्प लिया। राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सरिता नेगी ने कहा कि “स्वयं से पहले आप” की भावना प्रत्येक स्वयंसेवक को समाज, पर्यावरण और राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने छात्राओं से आग्रह किया कि वे लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल कर हरित एवं स्वच्छ भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएँ। कार्यक्रम के अंत में गांधी जयंती की पूर्वसंध्या पर गांधी जी के प्रिय भजनों की प्रस्तुति दी गयी. समापन अवसर पर डॉ. ममता यादव ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, वक्ताओं, शिक्षकों, स्वयंसेवकों एवं छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार के शिक्षकगण, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक एवं बड़ी संख्या में नवप्रवेशी छात्राएँ उपस्थित रहीं।

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