प्रधानमंत्री के मोटे अनाज (श्री अन्न) अभियान को अक्षय पात्र फाउंडेशन का समर्थन, डोभालवाला स्कूल में मंडुए के पौष्टिक बिस्कुट वितरित

देहरादून। 1 अक्टूबर 2026 भारत सरकार द्वारा वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष (International Year of Millets) घोषित करने और माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा “श्री अन्न” के रूप में मोटे अनाजों को बढ़ावा देने के आह्वान के क्रम में, अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा आज राजकीय प्राथमिक विद्यालय, डोभालवाला में छात्र-छात्राओं को मंडुए (रागी) से बने पौष्टिक बिस्कुट वितरित किए गए।कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूली बच्चों के मध्य मिड-डे मील के साथ-साथ विटामिन और पोषक तत्वों से भरपूर मोटे अनाज से बने खाद्य पदार्थों के सेवन को प्रोत्साहित करना है, ताकि बच्चों में कुपोषण और शारीरिक कमजोरी को दूर किया जा सके।फाउंडेशन की ओर से स्कूल रिलेशनशिप हेड श्रीमती प्रीति राणा और सुपरवाइजर श्री वीरेन्द्र कुमार दानू, विद्यालय परिवार की ओर से श्रीमती ममता उनियाल, श्रीमती रेनू असवाल, श्री देवेन्द्र सिंह रावत तथा सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. स्वामी एस. चंद्रा ने बच्चों को बिस्कुट वितरित कर मोटे अनाज के महत्व के बारे में जागरूक किया।इस अवसर पर श्रीमती प्रीति राणा ने कहा, “अक्षय पात्र फाउंडेशन की हमेशा कोशिश रहती है कि बच्चों को साफ-सफाई और गुणवत्ता के साथ अधिक से अधिक पौष्टिक भोजन मिले। माननीय प्रधानमंत्री जी के निर्देशानुसार हम श्री अन्न से बने उत्पादों को बच्चों तक पहुंचा रहे हैं।”बच्चों ने इस अवसर पर अपने हाथों से बनाए हुए सुंदर चित्र भी अतिथियों को दिखाए।मोटे अनाज (श्री अन्न) की विशेषताएं:1. पोषण का पावरहाउस: मंडुआ (रागी), ज्वार, बाजरा जैसे मोटे अनाज में कैल्शियम, आयरन, फाइबर और विटामिन-बी प्रचुर मात्रा में होता है।2. रोग प्रतिरोधक क्षमता: इनके नियमित सेवन से बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ती है और एनीमिया, कमजोरी जैसी समस्याएं दूर होती हैं।3. पाचन में सहायक: फाइबर अधिक होने से पाचन तंत्र मजबूत रहता है।4. डायबिटीज और मोटापे में लाभदायक: इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जो शुगर लेवल को नियंत्रित रखता है।5. पर्यावरण अनुकूल: मोटे अनाज कम पानी में उग जाते हैं और किसान के लिए लाभकारी हैं।











