स्वामी श्रद्धानंद बहुआयामी व्यक्तिव” पर गोष्ठी संपन्न त्याग,बलिदान,समर्पण के प्रतीक थे स्वामी श्रद्धानन्द-नरेंद्र आहूजा विवेक

नैनीताल l केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में “स्वामी श्रद्धानंद बहुआयामी व्यक्तित्व” विषय पर ऑनलाइन गोष्ठी संपन्न हुई।यह करोना काल से 511 वाँ
वेबिनार था।

वैदिक प्रवक्ता नरेंद्र आहूजा विवेक (पूर्व राज्य ओषधि नियंत्रक हरियाणा सरकार) ने कहा कि क्रांतदर्शी देव दयानन्द के उपरान्त दूसरा सबसे बड़ा आर्य स्तम्भ स्वामी श्रद्धानन्द हैं। पूर्व में महात्मा मुंशीराम के नाम से विख्यात देव दयानन्द के मानस पुत्र,नवजागरण के अग्रदूत,पंजाब में आधुनिक चेतना के निर्माता, स्वाधीनता संग्राम सेनानी, क्रांतिकारी,निर्भय आर्य सन्यासी , निर्भीक पत्रकार,हिन्दू मुस्लिम एकता के सूत्रधार,श्रद्धाव्रत के पालक,क्रांतदर्शी युगपुरुष, गुरुकुलीय शिक्षा प्रणाली के पुनः संस्थापक,क्रियात्मक जीवन के धनी,करुणा त्याग सत्य के पोषक,राष्ट्रभाषा हिन्दी के प्रचारक,सामाजिक चेतना के नायक,आर्य समाज के उज्ज्वल रत्न,सर्वस्व त्यागी महादानी, सामाजिक समरसता के प्रतीक , अछूतोद्धारक,कन्या शिक्षा के पक्षधर,वैदिक सिद्धान्त प्रचारक, शुद्धि आंदोलन के प्रणेता,आत्म बलिदानी थे।नरेन्द्र विवेक ने आह्वान किया कि अमर हुतात्मा स्वामी श्रद्धानन्द जी महाराज के व्यक्तित्व से प्रेरणा लेकर हम सभी आर्यों को उनके इन कार्यों को पूरा करने का संकल्प लेना चाहिए।

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मुख्य अतिथि अनिता रेलन व अध्यक्ष प्रवीण आर्य गाजियाबाद ने स्वामी श्रद्धानन्द के जीवन पर प्रकाश डाला।केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के अध्यक्ष अनिल आर्य ने संचालन किया।

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गायिका प्रवीना ठक्कर, रवीन्द्र गुप्ता, कौशल्या अरोरा, कुसुम भंडारी, रजनी चुघ,अंजू आहूजा, जनक अरोड़ा, बिंदु मदान, ईश्वर देवी आदि के मधुर भजन हुए।

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