जल जनित रोगों की रोकथाम को लेकर सीएमओ ने ज्योलिकोट क्षेत्र का किया निरीक्षण, प्रतिदिन स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश

नैनीताल। जल जनित रोगों की स्थिति की जानकारी लेने एवं रोकथाम के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जनपद नैनीताल डॉ. रश्मि पंत ने मंगलवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलिकोट पहुंचकर क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने निर्देश दिए कि ज्योलिकोट क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर प्रतिदिन अलग-अलग जगह स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि प्रभावित एवं संभावित मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराया जा सके। क्षेत्र में ओआरएस, जिंक एवं एल्बेंडाजोल आदि आवश्यक दवाओं का वितरण सुनिश्चित करने के साथ ही नियमित रूप से पानी के नमूनों की टेस्टिंग एवं क्लोरीनेशन कराने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि किसी भी रोग से पीड़ित मरीजों की नियमित काउंसलिंग की जाए, ताकि उन्हें बीमारी से बचाव, उपचार एवं आवश्यक सावधानियों की जानकारी मिल सके।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने गांजा, छड़ा एवं ज्योलिकोट क्षेत्र का भ्रमण कर मौके पर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं एवं जल जनित रोगों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने स्वास्थ्य टीमों को क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहकर लोगों की जांच एवं आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि 02 सितंबर को छड़ा, वीरभट्ठी, ज्योलिकोट एवं सड़ियाताल में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के साथ-साथ आवश्यकतानुसार दवाओं का वितरण एवं स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी मरीज की स्थिति गंभीर अथवा आपातकालीन पाए जाने पर उसे 108 एंबुलेंस सेवा के माध्यम से बीडी पांडे जिला चिकित्सालय नैनीताल, बेस चिकित्सालय हल्द्वानी अथवा सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी रेफर किया जाएगा, ताकि गंभीर मरीजों को तत्काल बेहतर एवं उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।वर्तमान में ज्योलिकोट के बेलवाखान, ब्लूटी, छड़ा, गांजा, चोपड़ा, कृष्णापुर, वीरभट्ठी एवं गेठिया क्षेत्र में जल जनित रोगों की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष निगरानी रखी जा रही है। जिला सर्विलांस अधिकारी की टीम लगातार क्षेत्र की निगरानी करेगी तथा प्रभारी चिकित्सा अधिकारी द्वारा प्रतिदिन की रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने क्षेत्रवासियों से अपील की कि पानी को अच्छी तरह उबालकर ही पिएं तथा फल एवं सब्जियों को साफ पानी से अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि उल्टी-दस्त, पेट दर्द, बुखार अथवा अन्य स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं और चिकित्सकीय परामर्श लें।उन्होंने कहा कि जल जनित रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहेंगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा रोग की स्थिति पर प्रतिदिन निगरानी रखते हुए आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य सेवाएं एवं दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।इस दौरान डॉ. हेमंत मर्तोलिया, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी भीमताल, डॉ. गर्वित, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ज्योलिकोट एवं डॉ. मनोज कांडपाल, जिला सर्विलांस अधिकारी के साथ-साथ क्षेत्र के जनप्रतिनिधि एवं चिकित्सालय स्टाफ उपस्थित रहे।

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