तंबाकू नियंत्रण को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया


नैनीताल l को जिला उधोग कार्यलय पर डॉ भागीरथी जोशी , मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा तंबाकू नियंत्रण को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया कार्यशाला को विधिवत दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया गया इस मौके पर जिला उधोग केन्द्र के महाप्रबंधक श्री सुनील पंत, डॉ रश्मि पंत अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, आर0सी0 बिनजोला अध्यक्ष हिमालयन चम्बर ऑफ कॉमर्स , बाला जी सेवा संस्थान देहरादून से आये अविधेश कुमार उपस्थित रहे। डॉ रश्मि पंत अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा बताया गया कि पहले प्रकार का धूमपान (फस्ट हैंड स्मोक) मैं धूम्रपान का धुवा स्वयं तम्बाकू का कश लेने वालों की सांस द्वारा फेफड़ो मैं जाता है । दूसरे प्रकार का धूम्रपान ( सेकेण्ड हैंड स्मोक)अप्रत्क्षय धूम्रपान होता है जो सिगरेट पीने वाले व्यक्ति द्वारा छोड़े गये धुवे से उस व्यक्ति को भी नुकसान पहुँचता है जो धूम्रपान नही करता है । तीसरे प्रकार का धूम्रपान ( थर्ड हैंड स्मोक) अप्रत्यक्ष धूम्रपान होता है जो धूम्रपान के काफी देर बाद भी धुवे के रूप मे बालो , फर्श पर बिछे कालीनों और घर पर खेल रहे छोटे बच्चो द्वारा उस वस्तु को मुह मे लिये जाने पर वस्तु पर चिपका तंबाकू के धुवे के कण उस बच्चे के शरीर को प्रभावित करते है ।
बाला जी सेवा संस्थान देहरादून आये अवदेष कुमार द्वारा कहा गया कि उनका संस्थान 10 वर्षो से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत उतखण्ड को तंबाकू
मुक्त कराने की मोहिम पर कार्य कर रहा है उनके द्वारा कहा गया कि भारत मे प्रतिवर्ष 13 लाख लोगों की मौत तम्बाकू इस्तेमाल से होने वाली बीमारियो से होती है , उनके द्वारा कहा गया तंबाकू छोड़ने के लिये दृढ़ निश्चय होना, तम्बाकू छोड़ने की तारीख निश्चय करना और इसका पालन करना, तंबाकू उत्पाद, लाइटर, माचिस और ऐश ट्रे को नष्ठ करना, अपने परिवार मे कहै की वे आपको प्रोत्सहित करके आपकी मदद करे । ऐसी परिस्थितयों का पता लगाये जो आपसे धूम्रपान करने की इच्छा जगाती है और उनसे बचे उदहारण के लिये बीड़ी की दुकान या धूमपान करने वाले/तंबाकू सेवन करने वाले लोगो को देखकर प्रभावित होना इत्यादि और छोड़ने का स्कल्प ले ।
जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक श्री सुनील पंत द्वारा स्वास्थ्य विभाग की टीम का स्वागत करते हुवै कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा तम्बाकू के सम्बंध मैं बहुत बढ़िया जानकारी दी गई उनके द्वारा कहा गया कि अपने व्यवहार में परिवर्तन लाना आवश्यक है जिसकी शुरुआत हमको अपने से करनी पड़ेगी तब जाकर कहि तसवीर बदलेगी सरकार द्वारा तंबाकू के दुष्परिणामो के सम्बंध में लगातार जागरकता कार्यक्रम चलाये जा रहे है जिनका लाभ हमको लेना चाइये उनके द्वारा अपने विभाग के अधिकारियो/ कर्मचारीओ से स्कल्प लेने के लिये कहा कि तंबाकू को आज ही न कहे ।
कार्यक्रम का संचालन हरेन्द्र कठायत द्वारा किया गया स्वास्थ्य विभाग से डॉ0 अनुराधा ह्यांकी, सुनीता भट्ट, मेघना परवाल, दीवान बिष्ट , मनोज बाबू उपस्थित रहे ।

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