संवाद कार्यक्रम विकास भवन सभागार में आयोजित हुआ

बागेश्वर l राज्य में 2023-24 बजट निर्माण से पूर्व विभिन्न हितधारक समूह के प्रतिनिधियों का बजट से पूर्व संवाद कार्यक्रम विकास भवन सभागार में आयोजित हुआ। बजट में जनता की भागीदारी को सुनिश्चित कर विभिन्न माध्यमों से जनता के सुझाव आमंत्रित किए जाने तथा जनसहभागिता को और सशक्त बनाने के लिए जनपद में संवाद कार्यक्रम विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी संजय सिंह की अध्यक्षता में जनप्रतिनिधियों व अधिकारियो के बीच बजट संबंधी विस्तृत चर्चा हुई।कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार बजट तैयार करने से पहले हितधारकों, जनप्रतिनिधियों, विभिन्न क्षेत्रों में व्यवसाय करने वाले व्यवसायियों, किसानों से सुझाव लिए जा रहे है, जिससे बजट को सभी के हितों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा सके। उन्होंने कहा प्रदेश की आजीविका का मुख्य स्रोत पर्यटन है इसलिए जनपद में पर्यटकों की आमद बढाने हेतु नए पर्यटन स्थलों को चिन्हित कर विकसित करने के साथ ही वर्क टूरिज्म विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने साहसिक पर्यटन विकास के लिए नए ट्रैक रूटों का निर्माण व पुराने रूटों का रखरखाव व जनपद में राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद की जिला योजना बहुत छोटी होती है इसलिए सभी विभागीय अधिकारी राज्य सैक्टर व केंद्र पोषित योजना में योजनाओं को बनाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा बजट संवाद कार्यक्रम में जो भी सुझाव प्राप्त हुए है उन पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को प्रेषित की जाएगी। बजट संवाद कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख कपकोट गोविन्द सिंह दानू ने किसानों की आजीविका के संबर्द्धन पर बल देते हुए जडीबूटी उत्पादन, हैंप खेती व किसानों की आय बढाने के लिए चैकबंदी को जरूरी बताते हुए शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए शैक्षिक भ्रमण हेतु अतिरिक्त बजट का प्रावधान करने के साथ ही सरयू, पिण्डारी घाटी व शामा क्षेत्र को मत्स्य हब के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया, ताकि अधिक से अधिक मत्स्य उत्पादन हो सकें व बाहरी व्यापारी उसे खरीदने आ सके। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों ने जनपद में जडीबूटी, मिलेट जैसे मंडुवा, गहत, भट्ट, धान, सोयाबीन, लाई, सरसों को बढाने, कृषकों को कृषि यंत्र, कृषि रसयान, बीज वितरित करने, जानवरो से फसलों के बचाव हेतु सोलर फेंसिंग तार-बाड़, जंगलों को वनाग्नि से बचाने के लिए कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के तहत चाय बागाम विकसित करने व चैकबंदी के साथ ही वोकल फॉर लोकल उत्पादों को बढावा देने के साथ ही विपरण हेतु सरस मार्केट स्थापित प्रस्ताव रखने के सुझाव दिए। जनप्रतिनिधियों द्वारा दुग्ध उत्पादन बढाने हेतु समितियों का गठन करते हुए नए मिल्क रूट विकसित करने के भी सुझाव दिए। इसी तरह मत्स्य उत्पादन हेतु कलस्टर आधारित मत्स्य फॉर्मिंग विकसित करने व उसके मार्केटिंग पर विशेष ध्यान देने की जरूरत पर बल दिया।

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जनप्रतिनिधियों ने मशरूम, कीवी, एपल उत्पादन के साथ ही बेमौसमी सब्जी उत्पादन को बढावा देने व किसानों की आय बढाने हेतु भूमि चैकबंदी को जरूरी बताया व जनपद में वाइनरी प्लांट स्थापित करने का सुझाव रखा। विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता सुधार पर बल देते हुए विद्यालयों का ढांचागत विकास, स्मार्ट क्लासेज, ई-लाइब्रेरी, प्रतिभा आधारित प्रोत्साहन का भी सुझाव दिया। इसी तरह कॉलेजों में रोजगारपरक कोर्सेज संचालन, डिजिटल लाइब्रेरी, कौशल विकास के अंतर्गत आर्टिफिशियल इंटेलिजेस, रोबॉटिक्स, कोडिंग, माइंनिंग मैट्रोलॉजी जैसे तकनीकि कोर्सेज व प्राकृतिक चिकित्सा के पाठ्यक्रम भी चलाने के सुझाव दिए। जनप्रतिनिधियों द्वारा चिकित्सा सुविधाओं को भी बढाने पर बल दिया।

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कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी चन्द्र सिंह इमलाल, जिला विकास अधिकारी संगीता अर्या, ब्लॉक प्रमुख बागेश्वर पुष्पा देवी, गरूड हेमा बिष्ट, अध्यक्ष नगर पालिका सुरेश खेतवाल, अध्यक्ष बागनाथ चैबर्स ऑफ कॉमर्स नरेन्द्र खेतवाल, वरिष्ठ नागारिक दलीप खेतवाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी जीएस सौन, मुख्य कृषि अधिकारी एसएस वर्मा, जिला उद्यान अधिकारी आरके सिंह, वरिष्ठ कोषाधिकारी जुनैद अनवर, महाप्रंधक उद्योग जीपी दुर्गापाल, लीड बैंक अधिकारी एनआर जौहरी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी दिनेश रावत, मत्स्य अधिकारी मनोज मियान सहित अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

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