शासकीय कार्यवाही का स्वागत, अब दून विश्वविद्यालय की प्रतीक्षा
नैनीताल l उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के मुख्य वित्त अधिकारी अमित जैन को विश्वविद्यालय से अवमुक्त करते हुए पेंशन एवं हकदारी निदेशालय से संबद्ध किए जाने संबंधी उत्तराखंड शासन के निर्णय का उत्तराखंड विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ ने स्वागत किया है।
जानकारी देते हुए संगठन के अध्यक्ष कुलदीप सिंह और महामंत्री डॉ लक्ष्मण सिंह रौतेला ने बताया कि उत्तराखंड विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ द्वारा विगत 23 जून को अपर मुख्य सचिव वित्त को पत्र प्रेषित करते हुए उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में कार्यरत मुख्य वित्त अधिकारी अमित जैन के तत्काल स्थानांतरण की मांग की गई थी, जिसमें महासंघ द्वारा उनके विरुद्ध चल चल रही वित्तीय अनियमितता की जांच का संदर्भ देते हुए उनके द्वारा पद में रहकर अपनी जांच को प्रभावित करने की आशंका व्यक्त करते हुए उन्हें तत्काल विश्वविद्यालय से स्थानांतरित करने की मांग की गई थी। इस क्रम में उत्तराखंड शासन द्वारा आज कठोर कार्रवाई करते हुए उन्हें विश्वविद्यालय से हटाकर पेंशन एवं हकदारी निदेशालय से संबंध कर दिया गया है। शासन की इस कार्यवाही का संगठन ने समर्थन किया है और आशा व्यक्त की है कि आयुर्वेद विश्वविद्यालय में अव्यवस्था के चलते कर्मचारियों को हो रही समस्याओं का भी जल्द निराकरण निकलेगा।
पदाधिकारियों ने इसके साथ ही दून विश्वविद्यालय के कुलसचिव के स्थानांतरण की मांग को भी दोहराते हुए बताया कि कुलसचिव 14 वर्ष से एक ही विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं और उनके द्वारा कर्मचारियों की समस्याओं को लगातार नजरंदाज किया जा रहा है और उनके प्रकरण में राज्य स्थानांतरण अधिनियम का भी स्पष्ट उल्लघंन हो रहा है, जबकि उसी संवर्ग के अन्य अधिकारियों के कई स्थानांतरण हो चुके हैं, अधिकारी विशेष पर ऐसी कृपा का संगठन ने प्रबल विरोध करने की बात कही है।












