कुमाऊँ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर शिरीष मौर्य करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व कोलकाता अंतरराष्ट्रीय कविता महोत्सव में होगा उनका काव्य पाठ

नैनीताल। कोलकाता में आगामी 28 से 30 नवम्बर 2025 तक आयोजित होने जा रहे प्रतिष्ठित ‘चेयर पोएट्री ईवनिंग्स – कोलकाता इंटरनेशनल पोएट्री फेस्टिवल’ में इस वर्ष भारत का प्रतिनिधित्व कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल के प्रख्यात कवि एवं साहित्यकार प्रोफेसर शिरीष मौर्य करेंगे। यह उत्सव विश्व के दो प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कविता आयोजनों में से एक है, जिसमें 12 देशों के 20 प्रसिद्ध कवि भाग लेंगे।
प्रो. शिरीष मौर्य वर्तमान में डी.एस.बी. परिसर, कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल के हिन्दी विभागाध्यक्ष हैं। वे समकालीन हिंदी कविता के प्रमुख एवं सशक्त स्वर के रूप में देश-विदेश में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके हैं। उनकी कविताएँ मानवीय संवेदना, सामाजिक सरोकार और जीवन के गहन अनुभवों को अभिव्यक्त करती हैं।
इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर आमंत्रित किया जाना न केवल प्रो. मौर्य की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि कुमाऊँ विश्वविद्यालय और समूचे उत्तराखंड के लिए भी गौरव का विषय है।
महोत्सव के निदेशक सोनेत मोंडल के अनुसार, यह आयोजन कविता के माध्यम से वैश्विक संवाद और सांस्कृतिक एकता को प्रोत्साहित करने का प्रयास है। आयोजन के दौरान कवि कोलकाता के विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों पर अपनी कविताएँ प्रस्तुत करेंगे, जबकि समापन सत्र ‘पोएट्री ऑन द क्रूज़’ गंगा नदी पर नौका यात्रा के दौरान आयोजित किया जाएगा।
इस अवसर पर प्रकाशित होने वाले कविता संकलन ‘चेयर पोएट्री सीरीज़ 2025’ में प्रो. मौर्य की कविताएँ भी शामिल की जाएँगी। प्रो. शिरीष मौर्य की यह सहभागिता न केवल हिंदी कविता के वैश्विक परिप्रेक्ष्य में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध साहित्यिक परंपरा को भी अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का अवसर प्रदान करेगी।

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