गरीब पिता नहीं दे पाया बेटी को दहेज, पतिं ने घर से निकाला, मिट्टी तेल डालकर लगाई आग, कोर्ट ने सुनाई यह कड़ी सजा

नैनीताल। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश प्रीतू शर्मा की अदालत घरेलू हिंसा के मामले में विवाहिता के पति को दोषी करार देते हुए तीन साल कठोर कारावास व 25 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है। दहेज अधिनियम के मामले में दो साल कठोर कारावास व दस हजार जुर्माना लगाया है। दोषी पर लगाये जुर्माने में 25 हजार की धनराशि पीड़िता को देय होगी। दोनों सजा साथ साथ चलेगी।
अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी पूजा साह ने कोर्ट को बताया कि 12 अप्रैल 2016 को पीड़िता ने अल्मोड़ा महिला थाना में शिकायती प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें बताया कि 23 जनवरी 2011 को उसकी शादी नीरज पुत्र पूरन लाल निवासी ग्राम थरसों , जिला अल्मोड़ा के साथ हुई। शादी हल्द्वानी में हुई। शादी के बाद पति उसे अपने साथ नहीं ले गए और पति के साथ कुलयाल पूरम , गली नंबर चार हल्द्वानी में किराए के कमरे में पति के साथ रहने लगी। शादी के एक सप्ताह बाद पति व रिशेतदारो ने स्त्रीधन बेच दिया। साथ ही दहेज के लिए प्रताड़ित करते रहे। गरीब होने कज वजह से पिताजी दहेज की मांग पूरी नहीं कर पाए तो उन्होंने महिला को उसके बच्चे के साथ घर से निकाल दिया तो मायके में रहने लगी। एक साल बाद पति ने पुरानी हरकतों से तौबा करते हुए उत्पीड़न नहीं करने का लिखित भरोसा देकर हल्द्वानी बुला लिया। 16 सितंबर 2016 को पति ने मिट्टी का तेल छिड़क आग लगा दी। इस आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने इस मामले में पति नीरज व अन्य के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया। एडीजीसी पूजा साह ने आरोप साबित करने को नौ गवाह पेश किए। कोर्ट के आदेश के बाद जेल से लाये अभियुक्त को फिर से जेल भेज दिया।