कुविवि के तीन साल में शिक्षा-शोध और बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव : कुलपति प्रो. डीएस रावत

नैनीताल l कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डीएस रावत ने मंगलवार को पत्रकार वार्ता कर विश्वविद्यालय की पिछले तीन वर्षों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि इस अवधि में शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध, डिजिटलीकरण और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया है।
पत्रकार वार्ता में प्रो. रावत ने बताया कि पिछले तीन सालों में विश्वविद्यालय ने नई शिक्षा नीति 2020 को चरणबद्ध तरीके से लागू किया है। इसके तहत मल्टीपल एंट्री-एग्जिट सिस्टम, क्रेडिट आधारित पाठ्यक्रम और कौशल आधारित नए कोर्स शुरू किए गए हैं। छात्र-छात्राओं को रोजगारपरक शिक्षा देने के लिए इंडस्ट्री और विश्वविद्यालय के बीच एमओयू भी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि नए विभागों और पीजी कोर्सों की शुरुआत। सेमेस्टर प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाया गया।
-शोध एवं नवाचार में शिक्षकों और शोधार्थियों के शोध पत्रों की संख्या में वृद्धि। केंद्र और राज्य सरकार की परियोजनाओं को विश्वविद्यालय को मिला। वहीं बुनियादी ढांचा परिवर्तित कर कैंपस में स्मार्ट क्लासरूम, लाइब्रेरी का डिजिटलीकरण और हॉस्टल की मरम्मत का काम पूरा हुआ। छात्र कल्याण में प्लेसमेंट सेल को मजबूत किया गया। छात्रवृत्ति और खेल सुविधाओं का विस्तार किया गया।प्रवेश, परीक्षा परिणाम और प्रमाण पत्रों की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन की गई। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य कुमाऊं क्षेत्र के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ स्थानीय जरूरतों से जुड़ा शोध उपलब्ध कराना है। आने वाले समय में विश्वविद्यालय को अनुसंधान और नवाचार का हब बनाने पर काम चल रहा है। इस दौरान कुलसचिव प्रो. रजनीश पांडे, प्रो. नीता बोरा शर्मा, प्रो. एच सी एस बिष्ट, प्रो. एस एस बरगली, प्रो. नन्द गोपाल साहू, प्रो. रीना सिंह आदि मौजूद रहे l











