सरस्वती शिशु मंदिर के 35वें वार्षिकोत्सव में जिलाधिकारी अनुराधा पाल ने बच्चों का आह्वान किया कि वह पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियों में भी भागीदारी करें

बागेश्वर l सरस्वती शिशु मंदिर के 35वे वार्षिकोत्सव समारोह में अभिभावकों व बच्चों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने स्कूल प्रबंधन समिति को बधाई दी व बच्चों को शुभकामनायें दी। उन्होंने कहा बच्चों के शैक्षिक विकास में शिक्षकों के साथ ही अभिभावकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि हम सभी को बच्चों की पढ़ाई के साथ ही खेलों, व्यायाम व अन्य क्रियाकलापों के लिए हमेशा प्रेरित करना चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा बच्चों का मन-मस्तिष्क कोरे कागज की तरह होते है। बचपन में जो भी पढ़ाया जाय-समझाया जाय तथा जो वह देखता है-सुनता है वही उनके दिमाग में बैठ जाता है, इसलिए बच्चों को खेलने-कूदने दें, प्रोत्साहित करें, एक अच्छा इन्सान बनायें। उन्होंने कहा कि अभिभावक बालक-बालिकाओं को समान प्यार व अवसर दें। उन्होंने कहा कोई काम छोटा या बढ़ा नहीं होता है, सभी काम समान है सभी कामों को इज्जत दें।

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जिलाधिकारी ने अभिभावकों से कहा बच्चों को नैतिक व चारित्रिक शिक्षा अति आवश्यक है, जो स्कूल के साथ ही घर पर अभिभावक अनिवार्य रूप से दें तथा बच्चों पर अनावश्यक पढ़ाई का दबाव न डालें, बच्चों की मन स्थिति को समझे अभिभावक व शिक्षक। उन्होंने कहा कि दूषित समाज से पाल्यों को बचाना, स्वस्थ व शिक्षित समाज का निर्माण हम सभी का दायित्व है।

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सरस्वती शिशु मन्दिर के प्राचार्य गणेश उपाध्याय ने सभी का स्वागत करते हुए विद्यालय के क्रियाकलापों के बारे में विस्तृत जानकारियॉ दी। वार्षिकोत्सव में बच्चों द्वारा समूहगान, लोकनृत्य, लोकगीत, देशभक्ति गीत व स्वागत गीतों से परिपूर्ण मनोरंजन सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी राजकुमार पाण्डेय, प्रबंधक कैलाश जोशी सहित अनेक गणमान्य अतिथि व अभिभावक आदि मौजूद थे।

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