धामी सरकार के आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड अभियान से जुड़कर भारती जीना ने बदली 45 महिलाओं की जिंदगी, पीरूल से हस्तशिल्प उत्पाद बनाकर रोजगार के साथ जंगलों की सुरक्षा में भी दे रहीं योगदान रामगढ़, जिला नैनीताल।

नैनीताल । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने तथा स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा दे रही है। इसी दिशा में रामगढ़ के घ्वेती गांव की भारती जीना ने अपने पारंपरिक हुनर को महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर मिसाल कायम की है।
भारती जीना ने पीरूल से टोकरी बनाने का हुनर अपने दादा से सीखा। इसी हुनर को रोजगार का माध्यम बनाते हुए उन्होंने गांव की 40 से 45 महिलाओं को जोड़ा और उन्हें पीरूल से हस्तशिल्प उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण दिया। आज महिलाएं इस कार्य के माध्यम से अपनी आजीविका मजबूत कर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं।
भारती ने पीरूल को वनाग्नि के जोखिम को कम करने और रोजगार का साधन बनाने की दिशा में भी पहल की। महिलाओं द्वारा जंगलों से पीरूल एकत्रित कर सुरक्षित स्थान पर रखा जाता है और उसका उपयोग हस्तशिल्प उत्पाद बनाने में किया जाता है।
हाल ही में कर्तव्य फाउंडेशन से जुड़ने के बाद उनके प्रयासों को और मजबूती मिल रही है। उनके कार्य की जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल द्वारा भी सराहना की गई।
भारती जीना की पहल मुख्यमंत्री धामी के आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के संकल्प की उस भावना को साकार करती है, जिसमें स्थानीय संसाधनों से रोजगार, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण—तीनों को साथ लेकर विकास की राह तैयार की जा रही है।











