आगामी विधानसभा चुनाव में संगठन की शक्ति बनेंगे भाजपा के प्रकोष्ठ – कौस्तुभानंद जोशी

“नैनीताल । सशक्त संगठन, प्रभावी संवाद और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँच” इसी लक्ष्य को लेकर भारतीय जनता पार्टी उत्तराखंड ने आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को गति दे दी है। पार्टी के प्रकोष्ठ संयोजक श्री कौस्तुभानंद जोशी के अनुसार इस बार विधानसभा चुनाव में विभिन्न प्रकोष्ठों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। संगठन का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचना, सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से पहुँचाना तथा अधिक से अधिक लोगों को भाजपा के साथ जोड़ना है।
श्री जोशी ने बताया कि इस बार विभिन्न प्रकोष्ठों के माध्यम से लगभग 10,000 नए लोगों को पार्टी से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह केवल सदस्यता अभियान नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को संगठन के साथ जोड़कर उन्हें राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सहभागी बनाने का व्यापक अभियान है।
प्रकोष्ठों की भूमिका पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि भाजपा की संगठनात्मक संरचना में प्रकोष्ठ ऐसे मंच हैं जो समाज के विशिष्ट वर्गों से संवाद स्थापित करते हैं। प्रत्येक प्रकोष्ठ अपने क्षेत्र के विशेषज्ञों, सामाजिक प्रतिनिधियों तथा जागरूक नागरिकों को जोड़कर संगठन और समाज के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि आज जब समाज की आवश्यकताएँ निरंतर बदल रही हैं, तब प्रत्येक वर्ग तक उसकी भाषा, उसकी आवश्यकता और उसकी अपेक्षाओं के अनुरूप पहुँचना आवश्यक हो गया है। यही कार्य प्रकोष्ठ प्रभावी रूप से करते हैं।
श्री जोशी ने बताया कि संगठन में प्रत्येक प्रकोष्ठ की भूमिका विशेष है। जैसे शिक्षक प्रकोष्ठ का दायित्व शिक्षकों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों के बीच संवाद स्थापित करना, नई शिक्षा नीति, शोध, नवाचार तथा शिक्षा सुधारों को समाज तक पहुँचाना तथा राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को सशक्त करना है। पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ सेना से सेवानिवृत्त सैनिकों एवं उनके परिवारों से संपर्क स्थापित कर उनकी समस्याओं, सुझावों और अनुभवों को संगठन तक पहुँचाने के साथ-साथ राष्ट्र सुरक्षा और राष्ट्रभक्ति के विषयों पर समाज को जागरूक करता है। बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, चिकित्सकों, अभियंताओं, लेखकों, पत्रकारों, उद्योगपतियों तथा अन्य विशेषज्ञ वर्गों के साथ वैचारिक संवाद स्थापित कर नीति निर्माण और जनजागरण में सहयोग देता है। विधि प्रकोष्ठ अधिवक्ताओं एवं विधि विशेषज्ञों के माध्यम से संवैधानिक विषयों, विधिक जागरूकता, नागरिक अधिकारों तथा सरकार की कानूनी पहलों की जानकारी समाज तक पहुँचाने का कार्य करता है।
श्री जोशी ने बताया कि इस बार संगठन ने समय की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए कुछ नए प्रकोष्ठों का भी गठन किया है। आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ उत्तराखंड जैसे आपदा संवेदनशील राज्य में राहत, बचाव, आपदा पूर्व तैयारी, जनजागरूकता तथा स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण का कार्य करेगा। प्राकृतिक आपदाओं के समय यह प्रकोष्ठ संगठन और प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित कर समाज की सेवा करेगा। स्वयं सहायता समूह प्रकोष्ठ महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों, ग्रामीण उद्यमिता, स्वरोजगार, आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण से जुड़े प्रयासों को संगठन से जोड़ने का कार्य करेगा। इसके माध्यम से सरकार की महिला हितैषी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रकोष्ठ केवल संगठनात्मक इकाइयाँ नहीं हैं, बल्कि सरकार और समाज के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम भी हैं। इनके माध्यम से उत्तराखंड सरकार की विभिन्न विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, कृषि, पर्यटन, स्वरोजगार, डिजिटल सेवाओं तथा बुनियादी सुविधाओं से संबंधित कार्यों की जानकारी समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुँचाई जाएगी। साथ ही, समाज से प्राप्त सुझावों और समस्याओं को संगठन एवं सरकार तक पहुँचाकर समाधान की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।
श्री जोशी ने बताया कि भाजपा का उद्देश्य केवल चुनावी सफलता प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सहभागी बनाना है। प्रकोष्ठों के माध्यम से सेवा, समर्पण, संवाद और संगठन को नई ऊर्जा प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है। यह व्यवस्था समाज के विभिन्न वर्गों की प्रतिभा, अनुभव और विशेषज्ञता को संगठन से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगी।
उन्होंने कहा कि आगामी उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रकोष्ठ केवल चुनावी अभियान तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि संगठन विस्तार, जनसंपर्क, सेवा कार्य, जनजागरण तथा सरकार की उपलब्धियों को समाज तक पहुँचाने में निर्णायक भूमिका निभाएँगे। लगभग 10,000 नए लोगों को संगठन से जोड़ने का लक्ष्य इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है। यदि प्रत्येक प्रकोष्ठ अपने दायित्वों का प्रभावी निर्वहन करता है, तो यह संगठन की शक्ति को और अधिक सुदृढ़ करने के साथ-साथ समाज और सरकार के बीच विश्वास का मजबूत सेतु भी सिद्ध होगा।











