कुविवि के मानव संसाधन विकास केंद्र में डिजास्टर मैनेजमेंट पर 1 सप्ताह का शॉर्ट टर्म कोर्स हुआ प्रारंभ भविष्य में आने वाली आपदाओं के लिए तैयारी करने, जवाब देने और उनसे उबरने की प्रक्रिया है आपदा प्रबंधन – कुलपति प्रो० एन०के० जोशी

नैनीताल l कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल के मानव संसाधन विकास केंद्र में आज दिनांक 20 दिसंबर से डिजास्टर मैनेजमेंट पर 1 सप्ताह का शॉर्ट टर्म कोर्स ऑनलाइन माध्यम से प्रारंभ हुआ। कुविवि के मानव संसाधन विकास केंद्र द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में 10 राज्यों के 66 प्रतिभागी प्रतिभाग कर रहे हैं। कार्यक्रम का उद्घाटन कुलपति कुविवि प्रो० एन०के० जोशी एवं मुख्य अतिथि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजास्टर मैनेजमेंट भारत सरकार के प्रो० संतोष कुमार द्वारा किया गया।

इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों एवं प्रशिक्षणार्थियों को सम्बोधित करते हुए कुलपति प्रो० एन०के० जोशी ने कहा कि आपदाएँ, अत्यधिक विनाश और जीवन की हानि का कारण बन सकती हैं। इसलिए हमारे लिए प्रभावी आपदा प्रबंधन योजनाएँ होना बहुत महत्वपूर्ण है। आपदा प्रबंधन में हम सभी आपदाओं के लिए तैयारी करने, प्रतिक्रिया करने और उससे उबरने में मदद करने के लिए रणनीतियों को विकसित करने और लागू करने के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन भविष्य में आने वाली आपदाओं के लिए तैयारी करने, उनका जवाब देने और उनसे उबरने की प्रक्रिया है। इसमें जोखिम मूल्यांकन, आपातकालीन योजना, प्रशिक्षण, सार्वजनिक शिक्षा और अभ्यास सहित कई गतिविधियाँ शामिल हैं। आपदाओं के प्रभाव को कम करने के लिए शिक्षाविदों और व्यक्तियों को आपदाओं के लिए तैयार रहना महत्वपूर्ण है।

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इस अवसर पर मुख्य अतिथि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजास्टर मैनेजमेंट भारत सरकार के प्रो० संतोष कुमार ने कहा कि प्रभावी आपदा जोखिम न्यूनीकरण (डीआरआर) में एक समग्र, बहु-क्षेत्रीय दृष्टिकोण शामिल है जो सरकारों, नागरिक समाज संगठनों और निजी क्षेत्र सहित कई हितधारकों को शामिल करता है। इसमें संभावित जोखिमों और कमजोरियों की पहचान, इन जोखिमों को कम करने के लिए रणनीतियों का विकास और आपदाओं के प्रभाव को कम करने के उपायों के कार्यान्वयन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि डीआरआर में आपातकालीन योजनाओं और प्रोटोकॉल के विकास के साथ-साथ प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण भी शामिल है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि समुदाय आपदाओं का जवाब देने के लिए तैयार हैं। इसमें निकासी योजना तैयार करना, आपातकालीन आश्रयों की स्थापना करना, और समुदाय के नेताओं और स्वयंसेवकों को आपदा प्रतिक्रिया और पुनर्प्राप्ति पर प्रशिक्षण देना शामिल हो सकता है।

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इससे पूर्व कार्यक्रम के आरम्भ में उपस्थित अतिथियों एवं प्रशिक्षणार्थियों का स्वागत करते हुए निदेशक मानव संसाधन विकास केंद्र प्रो० दिव्या उपाध्याय द्वारा डिजास्टर मैनेजमेंट पर आयोजित शॉर्ट टर्म कोर्स की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम का संचालन व धन्यवाद ज्ञापन स०निदेशक डॉ० रीतेश साह द्वारा किया गया।

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