नेहरू इंस्टीट्यूट आॅफ माउंटेनियरिंग की माउंटेन टेरेन बाइकिंग एक्सपीडिशन टीम का स्वागत व अभिनन्दन किया गया

नैनीताल l नेहरू इंस्टीट्यूट आफ माउंटेनियरिंग, उत्तरकाशी के द्वारा भारत सरकार के वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत आयोजित की जा रही माउंटेन बाइकिंग रैली विभिन्न पड़ावों को पार करते हुए आज नैनीताल पहुंच गई। नैनीताल में कुमाऊँ विश्वविद्यालय के हरमिटेज स्थित देवदार सभागार में नेहरू इंस्टीट्यूट आॅफ माउंटेनियरिंग की माउंटेन टेरेन बाइकिंग एक्सपीडिशन टीम का स्वागत व अभिनन्दन किया गया।
इस अवसर पर नेहरू इंस्टीट्यूट आॅफ माउंटेनियरिंग के प्रधानाचार्य व टीम लीडर कर्नल अंशुमान भदौरिया द्वारा कैडेट्स को सम्बोधित किया गया। अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट विलेज योजना की घोषणा 2002 के बजट में की गई थी। इस कार्यक्रम का लक्ष्य चीन की सीमा पर स्थित गांवों का व्यापक विकास करना और सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है। इसी के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए यह माउंटेन टेरेन बाइकिंग एक्सपीडिशन अभियान प्रारम्भ किया गया है।
उन्होंने अपने सम्बोधन में साहसिक खेलों की चरित्र निर्माण में बड़ी भूमिका होती है। साहसिक गतिविधियों से आत्म विश्वास व अनुशासन आता है और ऐसे व्यक्ति नशे से दूर रहते हैं। साहसिक गतिविधियों से नशे की प्रवृत्तियों को दूर करने में बड़ी मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि पहाड़ पर चढ़ने वाली परेशानी जीने की राह प्रदान करती है। पहाड़ पर चढ़ने वाले हार नहीं मानते और एक-एक करके ऊँचाईयों को अपनी मेहनत से प्राप्त करते जाते हैं। इसी तरह अपने जीवन में भी संघर्ष करने में मदद मिलती है। निरंतर योजना बनाने और कड़ी मेहनत से बड़े लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकता है। पिछले वर्ष उन्होंने संस्थान के एडवांस प्रशिक्षण कोर्स के दौरान द्रोपदी का डांडा में प्राण उत्सर्ग करने वाले प्रशिक्षुओं को भीे याद किया और उन्होंने बताया कि इस वर्ष नेहरू पर्वतारोहण संस्थान 11 प्रशिक्षुओं की याद में 11 अविजित शिखरों पर आरोहण करेगा और उनका नाम प्राण उत्सर्ग करने वाले प्रशिक्षुाओं के नाम पर रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि इन 11 प्रशिक्षुओं में सम्मिलित कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र शुभम सांगुड़ी के नाम पर एक शिखर का नाम रखा जायेगा।
इस अवसर पर कुलसचिव, कुमाऊँ विश्वविद्यालय द्वारा पुष्प गुच्छ व प्रतीक चिन्ह देकर नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के प्राचार्य व उप प्राचार्य का स्वागत किया गया। उन्होंने टीम को कुमाऊँ विश्वविद्यालय में आने हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
कार्यक्रम के संयोजक प्रो0 अतुल जोशी ने कैडेट्स को सम्बोधित करते हुए कहा कि संस्थान द्वारा जनजागरूकता हेतु महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। अतः कैडेट्स व छात्रों को संस्थान की इस मुहिम को आगे बढ़ाने में अपना योगदान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम नई जीवन दृष्टि प्रदान करते हैं और बहुत कुछ नया सीखने को मिलता है। उन्होंने अपने छात्र जीवन में की गई साईकिल यात्रा का अनुभव कैडेट्स को बताया। उन्होंने नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की टीम को इस एक्सपीडिशन की सफलता हेतु शुभ कामनायें प्रदान की। कार्यक्रम का संचालन सब लेे0 डा0 रीतेश साह द्वारा किया गया। उन्होंने टीम के सभी सदस्यों के कुमाऊँ विश्वविद्यालय के कैडेट्स व छात्रों से संवाद करने हेतु आभार ज्ञापित किया। इस कार्यक्रम में 79 यूके बटालियन के कमान अधिकारी कर्नल मलागी, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के उप प्रधानाचार्य मे0 देवल बाजपेयी, प्रो0 एचसीएस बिष्ट, डा0 विजय कुमार, डा0 दीपक कुमार, डा0 जीवन उपाध्याय, डा0 मनोज, डा0 प्रदीप जोशी, श्री अरविन्द बग्यिाल, संस्थान के प्रशिक्षक व टीम के सदस्य राकेश राणा, श्री दीप बहादुर शाही, सौरभ सिंह सहित एनसीसी कैडेट्स व छात्र उपस्थित थे।