पुरूषार्थी की विजय विषय पर गोष्ठी सम्पन्न, सफ़लता के उत्साह उमंग आवश्यक है-प्रो. नरेंद्र आहूजा विवेक

नैनीताल l केंद्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में पुरूषार्थी की विजय विषय पर ऑनलाइन गोष्ठी का आयोजन किया गया।यह कोरोना काल से 733 वाँ वेबिनार था। वैदिक प्रवक्ता प्रो. नरेंद्र आहूजा विवेक (पूर्व राज्य ओषधि नियंत्रक हरियाणा) ने कहा कि किसी भी कार्य में सफलता के लिए मन में उत्साह और उमंग का होना अत्यंत आवश्यक है।उत्साह और उमंग के साथ पुरुषार्थ करते हुए ही पुरुषार्थी विजय प्राप्त कर सकता है।उदास या दु:खी मन से बिना इच्छा के प्रारंभ किए गए किसी कार्य में सफलता प्राप्त करना कठिन होता है।उत्साह के साथ किया पुरुषार्थ किसी कार्य में सफलता की सिद्धि के लिए प्रथम सोपान के समान है।सीढ़ी दर सीढ़ी चढ़कर ही हम अपने लक्ष्य को प्राप्त करते हुए उस कार्य में सफलता प्राप्त करते हैं।यह बिना प्रथम सोपान को पार किए अर्थात उत्साह के साथ किए पुरुषार्थ के बिना संभव नहीं है।
नरेन्द्र आहूजा विवेक ने उत्साह और पुरुषार्थ को परिभाषित करते ऋग्वेद और अथर्ववेद के वेद मन्त्र से बताया त्वं ही मन्यो अभि भूत्योजा..
अर्थात हे उत्साह मन्यो तुम उत्कृष्ट शक्ति वाले अपने सामर्थ्य से रहने वाले तेजस्वी शत्रु विजेता सभी मनुष्यों में रहने वाले शक्तिशाली विजेता हो तुम युद्धों में हमारे अंदर शक्ति दो। मुख्य अतिथि शिक्षा विद डॉ.गजराज सिंह आर्य व अध्यक्ष स्वतंत्र कुकरेजा ने भी जीवन में सफल होने के गुण बताये।परिषद अध्यक्ष अनिल आर्य ने कुशल संचालन करते हुए कहा कि कर्त्तव्य पथ पर दृढ़ रहकर कार्य कर्ता है सफलता उसके कदम चूमती है।प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण आर्य ने धन्यवाद ज्ञापन किया। गायिका कौशल्या अरोड़ा, जनक अरोड़ा, कृष्णा पाहुजा,मंजू, मृदुल अग्रवाल, सुधीर बंसल आदि ने मधुर भजन सुनाए।

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