धामी सरकार की पहल से ग्रामीण पर्यटन को नई उड़ान, नाबार्ड समर्थित ‘ग्राम विहार’ परियोजना से महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर
नैनीताल । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार ग्रामीण पर्यटन, महिला सशक्तिकरण एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रभावी पहल कर रही है। इसी क्रम में जनपद नैनीताल के विकासखण्ड भीमताल के ग्राम चोपड़ा में नाबार्ड समर्थित ‘ग्राम विहार’ परियोजना के अंतर्गत गृह प्रवास (होमस्टे) संचालकों के लिए पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह पहल ग्रामीण परिवारों, विशेषकर महिलाओं को पर्यटन आधारित उद्यमों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
महिला एवं निर्बल वर्ग उत्थान समिति, ज्योलीकोट द्वारा संचालित इस परियोजना के माध्यम से गृह प्रवास संचालकों को आतिथ्य प्रबंधन, पर्यटक सेवा, स्वच्छता, स्थानीय व्यंजन, डिजिटल प्रचार-प्रसार, स्थानीय संस्कृति के संरक्षण तथा पर्यटन आधारित उद्यम संचालन का व्यवहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को आधुनिक पर्यटन की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाया जाएगा, जिससे वे पर्यटकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध करा सकें।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर नाबार्ड नैनीताल के जिला विकास प्रबंधक, अग्रणी जिला प्रबंधक, जन शिक्षण संस्थान के निदेशक, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि, स्वयं सहायता समूहों की लगभग 50 महिला सदस्याएं, गृह प्रवास संचालक एवं स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।
इस अवसर पर परियोजना की परियोजना समीक्षा एवं अनुश्रवण समिति की बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए गृह प्रवासों के सुदृढ़ीकरण, स्थानीय आजीविका संवर्धन तथा ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति ने परियोजना को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने तथा अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को इससे जोड़ने पर बल दिया।
नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक ने कहा कि उत्तराखण्ड में ग्रामीण पर्यटन रोजगार और स्वरोजगार का एक सशक्त माध्यम बन सकता है। उन्होंने कहा कि नाबार्ड का उद्देश्य केवल आधारभूत सुविधाओं का विकास करना नहीं, बल्कि स्थानीय समुदायों को कौशल विकास, उद्यमिता एवं सतत आजीविका से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना भी है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक खान-पान, स्वच्छता, उत्कृष्ट आतिथ्य और पर्यावरण संरक्षण को अपनी पहचान बनाते हुए पर्यटकों को बेहतर अनुभव प्रदान करने का आह्वान किया।
अग्रणी जिला प्रबंधक ने गृह प्रवास संचालकों को बैंकिंग सेवाओं, ऋण योजनाओं एवं अन्य वित्तीय सुविधाओं का लाभ उठाकर अपने उद्यमों का विस्तार करने के लिए प्रेरित किया। वहीं जन शिक्षण संस्थान के निदेशक ने बताया कि प्रशिक्षण पूर्णतः व्यवहारिक होगा, जिससे प्रतिभागी अपने गृह प्रवासों का सफल संचालन कर सकेंगे।
प्रतिभागियों ने नाबार्ड एवं राज्य सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि ‘ग्राम विहार’ परियोजना ग्रामीण युवाओं एवं महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति, लोक परंपराओं और प्राकृतिक धरोहर को देश-विदेश के पर्यटकों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में ग्रामीण पर्यटन, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के संकल्प को साकार करने की दिशा में ‘ग्राम विहार’ परियोजना जनपद नैनीताल में सफलता की नई कहानी लिख रही है।










