महर्षि दयानन्द बलिदान दिवस संपन्न, महर्षि दयानन्द वैचारिक क्रांति का शंखनाद किया- अनिल आर्य, महर्षि दयानन्द के आदर्शों पर चले-सत्यानंद आर्य

दिल्ली l केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में 141वें महर्षि दयानन्द सरस्वती के बलिदान दिवस पर विशाल कार्यक्रम का आयोजन आर्य समाज पंजाबी बाग विस्तार दिल्ली में किया गया।दिल्ली व आसपास के क्षेत्रों से भारी संख्या में लोग सम्मिलित हुए और अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य जसवंत शास्त्री ने यज्ञ करवा कर किया। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि महर्षि दयानन्द ने वैचारिक क्रांति का शंखनाद किया और लोगों के सोचने व समझने की दिशा ही बदल डाली।उन्होंने पाखंड अंधविश्वास पर सीधा प्रहार किया वह एक निर्भीक सन्यासी थे।आर्य समाज रूपी संस्था की स्थापना करके समाज के चौकीदार का काम किया। समारोह अध्यक्ष आर्य नेता सत्यानंद आर्य ने कहा कि महर्षि दयानन्द के आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं आवश्कता उन पर चलने की है।स्वामी जी को वेदों वाला कहा जाता है उन्होंने लुप्त हुए वेदों को जर्मनी से मंगाकर उन्हें पुनर्स्थापित किया।धर्मपाल कुकरेजा ने सुन्दर आयोजन के लिए बधाई दी। गायक कलाकार नरेंद्र आर्य सुमन, पिंकी आर्य, किरण सहगल, सुदेश आर्य, मधु खेड़ा आदि ने मधुर गीतों से उल्लासपूर्ण वातावरण बना दिया । आचार्य महेन्द्र भाई ने धन्यवाद ज्ञापन किया।इस अवसर पर डॉ. विवेक आर्य कि पुस्तक “महर्षि दयानन्द को जानें” का विमोचन हुआ। प्रमुख रूप से प्रवीण आर्य गाजियाबाद, एस के छतवाल, पी एस दहिया, राणा, सुनील सहगल, अनिल कपूर, आर पी सूरी, राजीव सूरी, यशपाल आर्य, ओम सपरा, राम कुमार आर्य, धर्मपाल आर्य,देवेन्द्र भगत, अरुण आर्य, सौरभ गुप्ता, कर्नल विपिन खेड़ा, सुनीता बुगा, आचार्य चन्द्र शेखर शास्त्री, डालेश त्यागी, आरती खुराना, वेद प्रकाश आर्य ,वरुण कथूरिया उपस्थित थे I “आर्य महिला रत्न” अवार्ड से 15 कर्मठ महिलाओं को सम्मानित किया गया।

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