हेरिटेज मॉडल विलेज के रूप में विकसित होगा कुमाटी गांव कुमाऊं की सबसे बड़ी बाखली और पारंपरिक शैली में बने भवन होंगे संरक्षित, प्रोजेक्ट को 50 लाख स्वीकृत

नैनीताल l बाहरी शहरों से पहुंचने वाले पर्यटक ग्रामीण क्षेत्र में प्राकृतिक सौन्दर्य के बीच समय बिताते हुए कुमाऊं की पारंपरिक भवन निर्माण शैली और संस्कृति से रूबरू हो पायेंगे। जिला प्रशासन ने शहर के दूरस्थ कुमाटी गांव को हेरिटेज मॉडल विलेज के रूप में विकसित करने का प्रोजेक्ट तैयार किया है। जिसके तहत कुमाऊं की सबसे बड़ी बाखली और गांव में पारंपरिक शैली से बने पुराने भवनों को पुर्नजीवित किया जाएगा। प्रोजेक्ट का संचालन स्थानीय ग्रामीणों की सहभागिता से किया जाएगा। प्रोजेक्ट के लिए शासन से 50 लाख की स्वीकृति दे दी है।
बाहरी शहरों से पहुंचने वाले पर्यटक अब नैनीताल, भीमताल और भीड़भाड़ भरे शहरों की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों की ओर रूख करने लगे है। ऐसे में जिला प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की योजना बना रहा है। डीएम धीराज गर्ब्याल ने बताया कि नैनीताल से दूरस्थ कुमाटी गांव को हेरिटेज मॉडल विलेज के रूप में विकसित करने का प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। जिसमें गांव को इस तरह विकसित किया जाएगा कि पर्यटकों को कुमाऊं की पारंपरिक संस्कृति, शैली से रूबरू होने का मौका मिले।
कुमाऊं की सबसे बड़ी बाखली होगी संरक्षित
डीएम ने बताया कि कुमाटी गांव में कुमाऊं की सबसे बड़ी बाखली स्थित है। जिसमें आठ परिवारों के 26 जुड़े हुए है। वर्तमान में अधिकांश परिवार बाहरी शहरों में बस गए है। बाखली में निवासरत व अन्य ग्रामीणों से वार्ता कर सहमति ले ली गई है। प्रोजेक्ट के तहत बाखली का स्वरूप पारंपरिक रखते हुए उसे संरक्षित किया जाएगा। साथ ही गांव में खाली हो चुके पुराने भवनों को भी पारंपरिक शैली में विकसित किया जाएगा।
बनेगा ओपन एयर थियेटर व संग्रहालय
डीएम ने बताया कि हेरिटेज मॉडल विलेज को पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा। गांव में ओपन एयर थियेटर और संग्रहालय बनाने की भी योजना है। साथ ही गांव के भीतर ही हेंडीक्राफ्ट संग्रहालय का भी निर्माण किया जाएगा। जिसमें ग्रामीणों द्वारा बनाये गए हस्तनिर्मित उत्पादों को रखा जाएगा।
आरोही संस्था की सहभागिता से संचालित होगा प्रोजेक्ट
प्रोजेक्ट के संचालन के लिए जिला प्रशासन की ओर से आरोही संस्था को सहभागी बनाया गया है। संस्था की ओर से गांव में मेडिकल और अन्य सुविधाएं दी जाएगी। साथ ही ग्रामीणों को पर्यटन कारोबार और अन्य पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इंटीग्रटेड स्कीम से ग्रामीणों के लिए खुलेंगे रोजगार के द्वार
डीएम ने बताया कि ग्रामीणों के पुराने आवासों और बाखली को पर्यटन विभाग की ओर से विकसित किया जाएगा। मगर आवासों पर ग्रामीणों का ही स्वामित्व रहेगा। जिसकों कम्यूनिटी टूरिज्म की तर्ज पर ग्रामीण ही संचालित करेंगे। बताया कि ग्रामीणों को पर्यटन के साथ ही खेती, मुर्गी व मछली पालन से भी जोड़ा जाएगा। जिससे गांव में जैविक खेती और अन्य उत्पादों की खपत गांव में ही हो सके। इस तरह एक अलग अलग क्रियाकलापों को एकीकृत कर ग्रामीणाें के लिए रोजगार के अवसर खुलेंगे।
50 लाख हुए स्वीकृत
मंगलवार को पर्यटन सचिव सचिन कुर्वें ने वीसी के माध्यम से डीएम व अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। जिसमें कुमाटी को हेरिटेज मॉडल विलेज के रूप में विकसित करने पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान पर्यटन सचिव ने प्रोजेक्ट को 50 लाख की स्वीकृति भी प्रदान की। इससे पूर्व डीएम ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर प्रोजेक्ट से जुड़े लाभों से अवगत कराया। बैठक में जिला पर्यटन अधिकारी बृजेंद्र पांडेय, आरोही संस्था से डॉ पंकज तिवारी, राकेश कपिल, गोपाल जोशी, तारादत्त जोशी, प्रमोद कुमार, कवि कुमार आदि मौजूद रहे।











