तीन दिवसीय सांस्कृतिक विनिमय कार्यक्रम के दौरान भोपाल के संस्कार वैली स्कूल और वाराणसी के सनबीम स्कूल से आईं 12 छात्राओं ने मेजबान विद्यालय की छात्राओं के साथ आज नैनीताल नगर व आस पास के क्षेत्रों का भ्रमण किया और कुमाऊँ की जलवायु, जीव जंतु, संस्कृति, परंपरा, यहाँ के लोगों के रहन- सहन से रूबरू हुईं।

नैनीताल l सुविख्यात विद्यालय ऑल सेंट्स कॉलेज मे चल रहे तीन दि वसीय सांस्कृतिक विनिमय कार्यक्रम के दौरान भोपाल के संस्कार वैली स्कूल और वाराणसी के सनबीम स्कूल से आईं 12 छात्राओं ने मेजबान विद्यालय की छात्राओं के साथ आज नैनीताल नगर व आस पास के क्षेत्रों का भ्रमण किया और कुमाऊँ की जलवायु, जीव जंतु, संस्कृति, परंपरा, यहाँ के लोगों के रहन- सहन से रूबरू हुईं। इसके तहत यह छात्राएं चाफी पहुंची और वहां लोगों के साथ बातचीत कर न केवल पहाड़ों की जीवन शैली को जाना बल्कि लोगों को भी अपने क्षेत्र की विशेषताओं से अवगत कराया। साथ ही इन छात्राओं को यहां की जैवविविधता से भी रूबरू कराया गया। इसके अलावा इन छात्राओं ने सातताल का भ्रमण किया। यहां नौकायान और सैर की और सातताल में होने वाली जल क्रीड़ाओं में प्रतिभाग कर आनंद की अनुभूति की और अपने अंदर रोमांचक और साहसिक कार्यों को करने की हिम्मत का संचार किया। छात्राओं के दल भीमताल स्थित एक्वेरियम भी पहुंचा जहां इन्होंने तरह तरह की मछलियों और अन्य जलीय जीव जंतुओं के बारे में जानकारी जुटाई। शाम के सत्र में इन सभी ने अपने प्रदेश के लोक नृत्य और गीतों से यहां की छात्राओं को रुबरु कराया और खुद भी उत्तराखंड की लोक संस्कृति का अवलोकन किया। ये छात्राएं यहां 21 नवंबर तक रहेंगी और मेजबान विद्यालय की सभी गतिविधियों में प्रतिभाग करेंगी और विनिमय के माध्यम से व्यक्तित्व विकास, संचार कौशल, सामाजिक बोध शक्ति और चौमुखी विकास की ओर सतत प्रयास करेंगी।

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