साहित्य के प्रति घटती रुचि को बढ़ाने के लिए प्रयास करने होंगे अभिनेत्री व लेखिका वाणी त्रिपाठी

नैनीताल l अभिनेत्री व लेखिका वाणी त्रिपाठी टिक्कू ने कहा कि साहित्य के प्रति घटती रुचि को बढ़ाने के लिए बृहद स्तर पर साहित्योकोत्सव आयोजित किए जाने की सख्त जरूरत है। इसके लिए राज्यों की सरकारों के मदद की सख्त दरकार है। सोमवार को उन्होंने अपनी बाल साहित्य पर आधारित ‘ हाथी लाल रंग का क्यों नही हो सकता’ पुस्तक का विमोचन अवसर पर यह विचार व्यक्त किए।
लेखिका वाणी त्रिपाठी ने कहा कि डिजिटल का प्रभुत्व बढ़ने से साहित्य के प्रति कम होती रुचि बढ़ा चिंता का विषय जरूर है, लेकिन ऐसा भी नहीं है कि पुस्तकों का अस्तित्व नहीं रहा। आज भी दुनिया में किताबे लिखी जा रही हैं और बाजार में खूब बिक भी रही हैं। मगर भारत जैसे विशाल संख्या वाले देश में पब्लिक पुस्तकालयों की कमी व बंद होना दुर्भाग्यपूर्ण है। जिसका असर साहित्य पर पढ़ा है और किताबों से लोगों की दूरी बढ़ी है। इस फासले को कम करने के सरकारों को आगे आना होगा। साहित्य व संस्कृति के साथ लोक कथाओं पर आधारित उत्सव आयोजित करने होंगे। अंग्रेजी में लिखी पुस्तक ‘ व्हाई कांट एलीफेंट बी रेड ‘ की कहानी को लेकर कहा कि यह पुस्तक बच्चों की मन में उत्पन्न होने वाले सवालों का उत्तर है, जो लोगों को उनके बचपन की स्मृति के साथ बालमन के कोमल विचारों का अभिभूति कराती है। साथ ही संदेश देती है कि बच्चे भी गुरु हो गुरु हो सकते हैं। कोविड काल के दौरान उनके मन में बाल कथा लिखने का विचार आया था। जिसे वह कई अन्य भाषाओं में प्रकाशित करेंगी। इस पुस्तक का अगला विमोचन सिंगापुर में करने जा जा रही हैं। उनके साथ पुस्तक का विमोचन अमिताभ बघेल, अंशु खन्ना, सुमन बत्रा व पवन कुमार ने किया।

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