मातृशक्ति रामलीला कमेटी, द्रोणनगरी, द्वारा आयोजित महिलाओं द्वारा रामलीला के सातवें दिन सीता की खोज, किष्किंधा के जंगल में बाली सुग्रीव युद्ध, बाली वध, हनुमान का लंका में प्रवेश प्रसंग का भावपूर्ण एवं प्रभावशाली मंचन किया गया

देहरादून I मातृशक्ति रामलीला कमेटी, द्रोणनगरी, द्वारा आयोजित महिलाओं द्वारा रामलीला के सातवें दिन सीता की खोज, किष्किंधा के जंगल में बाली सुग्रीव युद्ध, बाली वध, हनुमान का लंका में प्रवेश प्रसंग का भावपूर्ण एवं प्रभावशाली मंचन किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड की द्वारा दीप प्रज्वलित कर रामलीला का विधिवत शुभारंभ किया गया। महिला कलाकारों ने सशक्त अभिनय, सजीव संवाद और प्रभावी मंच-सज्जा के माध्यम से इस महत्वपूर्ण प्रसंग को जीवंत कर दिया, जिसे दर्शकों ने श्रद्धा एवं भाव-विभोर होकर सराहा।सामाजिक कार्यकर्ता डॉ स्वामी एस. चंद्रा ने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से ऐसे आयोजनों को नई ऊर्जा मिलती है और समाज में नैतिक मूल्यों, संस्कारों तथा सामाजिक समरसता का संदेश प्रभावी रूप से पहुँचता है, जिसका सकारात्मक प्रभाव आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ता है।
रामलीला समिति की अध्यक्ष एवं निर्देशिका श्रीमती लक्ष्मी मलासी के नेतृत्व में इस आयोजन में राम (पूनम) लक्ष्मण (कमला), सीता (रश्मि), तारा (अमिता) शबरी (माया रावत), रावण (सुनीता जोशी), सुग्रीव (रुकमणी, सुषमा नैथानी), हनुमान (पुष्पा डुकलान), अंगद (संतोष गुसांई), जटायु, जामवंत (रानी जोशी), सहित अनेक कलाकारों ने सहभागिता निभाई। हास्य कलाकार प्रदीप भट्ट ने अपने अभिनय से दर्शकों को खूब आनंदित किया। कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन डॉ. स्वामी एस. चंद्रा द्वारा किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश मंत्री भारतीय जनता युवा मोर्चा उत्तराखंड श्रीमती नेहा जोशी, सुश्री भावना, श्रीमती चंदा रावत तथा बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे और सभी ने महिला रामलीला के इस सफल आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की।

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