श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर बाल संस्कार केन्द्र में बड़ी धूम-धाम से मनाया गया।धार्मिक आयोजन से अपनी संस्कृति से जुड़ने का यही सुंदर अवसर होता है- डॉ स्वामी चंद्रा

देहरादून। आज दिनांक 2 सितंबर 2026 को मानस मंदिर बकरालवाला स्थित वीर सावरकर बाल संस्कार केन्द्र एवं भगिनी निवेदिता सिलाई केन्द्र की ओर से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर बच्चों एवं बहिनों द्वारा सुंदर गीत नृत्य एवं भजन के साथ विभिन्न अवसरों पर प्रयोग होने वाले मंत्रों की सुंदर प्रस्तुतियों का प्रस्तुतिकरण किया गया।
सर्व प्रथम सेवा प्रमुख एवं शैल कला एवं ग्रामीण विकास समिति के संस्थापक अध्यक्ष डॉ स्वामी एस चंद्रा ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। वीर सावरकर बाल संस्कार केन्द्र के बच्चों ने एक से बढ़कर एक राधा कृष्ण के भजनों पर सुंदर नृत्य की प्रस्तुति दी। छोटे-छोटे बच्चों ने प्रातःकालीन मंत्र, गायत्री मंत्र, भोजन मंत्र, अंत में कल्याण मंत्र की प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया।
भगिनी निवेदिता सिलाई केन्द्र की बहिनों ने भी एकल एवं सामूहिक नृत्य कर अपनी छाप छोड़ दी। कार्यकम में स्थानीय महिलाओं में बड़ी संख्या में उपस्थित होकर सभी का उत्साह वर्धन किया।
डॉ स्वामी एस चंद्रा ने सभी बच्चों एवं कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वालों को लेखन सामग्री एवं खाद्य पदार्थ वितरण किया, राजेंद्र शंकर जी द्वारा मिष्ठान वितरण किया गया। इस अवसर पर गति संस्था के संस्थापक नीरज उनियाल ने जन्माष्टमी पर हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए सभी से त्यौहार को सही से मनाने के लिए कहा।
डॉ स्वामी एस चंद्रा ने सभी को शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा सनातन धर्म की विशेषता है कि सभी को साथ लेकर चलने की है। बाल्यकाल से ही बच्चों में संस्कार दिये जा सकते हैं। आजकल मोबाइल का जमाना है बच्चे अपनी संस्कृति से दूर होते जा रहे हैं ऐसे कार्यक्रम से बच्चों को अपनी संस्कृति जानने का अवसर मिलता है, तभी बच्चे अपनी संस्कृति से जुड़ पायेंगे। इस अवसर पर वीर सावरकर बाल संस्कार केन्द्र की शिक्षिका कुमारी निशा तथा भगिनी निवेदिता सिलाई केन्द्र की शिक्षिका श्रीमती रिंकी देवी, मेंहदी प्रशिक्षिका कुमारी अंकिता ने सहयोग किया तथा सिलाई केन्द्र में आने वाली बहिनें तथा स्थानीय महिलाओं एवं बच्चों ने उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाया।












