राष्ट्रीय शहीद सैनिक स्मारक विद्यापीठ में नशा-मुक्ति जागरूकता एवं संवेदीकरण कार्यक्रम आयोजित

नैनीताल, । डॉ. आर.एस. टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल एवं राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान (NISD), सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय शहीद सैनिक स्मारक विद्यापीठ में नशा-मुक्ति जागरूकता एवं संवेदीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के लगभग 110 विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को मादक पदार्थों एवं अन्य नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के दुष्परिणामों, नशे की रोकथाम, व्यक्तिगत एवं सामाजिक उत्तरदायित्व तथा नशा-मुक्त एवं सुरक्षित विद्यालयी वातावरण के निर्माण के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम के प्रारम्भ में कोर्स डायरेक्टर रागिनी तिवारी द्वारा कार्यक्रम की पृष्ठभूमि, उद्देश्यों एवं अपेक्षित परिणामों के संबंध में प्रतिभागियों को जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने नशा-मुक्त भारत अभियान के उद्देश्यों तथा विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।

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इस अवसर पर डॉ. किरण तिवारी एसिस्टेंट पप्रोफेसर कुमाऊँ यूनिवर्सिटी ने विद्यार्थियों को नशे की रोकथाम से जुड़े विभिन्न पहलुओं के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों, साथियों के दबाव, नशे की ओर बढ़ने के कारणों तथा समय रहते इसकी रोकथाम के उपायों पर विद्यार्थियों को जागरूक किया। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा सकारात्मक गतिविधियों के माध्यम से स्वयं को नशे से दूर रखने के लिए प्रेरित किया।

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कार्यक्रम के दौरान विद्यालयों की भूमिका, विद्यार्थियों में नशे के प्रति जागरूकता विकसित करने, नशे की समस्या की प्रारंभिक पहचान तथा आवश्यकता पड़ने पर परामर्श एवं पुनर्वास सेवाओं से जोड़ने के महत्व पर भी चर्चा की गई।

इसके साथ ही नशीले पदार्थों के दुरुपयोग की रोकथाम से संबंधित प्रमुख कानूनी एवं संस्थागत प्रावधानों की जानकारी भी साझा की गई।

कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों द्वारा नशा-मुक्ति की शपथ ली गई तथा स्वस्थ, सुरक्षित एवं नशा-मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया गया।

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