राष्ट्रीय खेल दिवस पर भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय में खेलों की धूम, मेजर ध्यानचंद को किया याद

नैनीताल l भारतीय शहीद सैनिक विद्यालय, नैनीताल में आज हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद जी की जयंती राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।
विद्यालय में प्रातः से ही जन्मदिवस के अवसर पर विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इस दौरान सौहार्दपूर्ण महिला/पुरुष फुटबॉल एवं एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। साथ ही अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 वर्ग के बच्चों के बीच फुटबॉल मैच कराए गए।विद्यालय के प्रधानाचार्य बिशन सिंह मेहता ने बच्चों को मेजर ध्यानचंद के जीवन परिचय और उनकी उपलब्धियों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि 29 अगस्त 1905 को जन्मे मेजर ध्यानचंद विश्व विख्यात हॉकी खिलाड़ी और भारतीय हॉकी टीम के कप्तान थे। उनकी कप्तानी में भारत ने 1928, 1932 और 1936 में लगातार तीन बार ओलंपिक में हॉकी का स्वर्ण पदक जीता था। प्रधानाचार्य ने बताया कि 1936 के बर्लिन ओलंपिक में भारत ने हंगरी को 4-0, अमेरिका को 7-0, जापान को 9-0 और सेमीफाइनल में फ्रांस को 10-0 से हराया था, तथा फाइनल में मेजबान जर्मनी को 8-1 के विशाल अंतर से पराजित कर ओलंपिक विजेता बना था। उस समय जर्मनी के तानाशाह एडोल्फ हिटलर ने मेजर ध्यानचंद को जर्मनी की नागरिकता और जर्मन सेना में कर्नल पद की पेशकश की थी, जिसे उन्होंने विनम्रता पूर्वक ठुकरा दिया था। भारतीय खिलाड़ियों ने नाजी सैल्यूट के बजाय भारतीय तिरंगे को सैल्यूट कर मार्च पास्ट किया था। उन्होंने बताया कि मेजर ध्यानचंद को सम्मान देने के लिए भारत सरकार द्वारा 2012 से हर साल 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर विद्यालय की हॉकी टीम हल्द्वानी के गोलापार स्टेडियम में मैच खेलने के लिए रवाना हुई। कार्यक्रम में व्यायाम शिक्षक सागर सिंह, गोविंद सिंह बोरा और जनक बिष्ट सहित विद्यालय के समस्त स्टाफ व छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।











