मूसलाधार बारिश से नैनीताल बेहाल, जगह-जगह भूस्खलन और बोल्डर गिरने से यातायात प्रभावित

नैनीताल। सोमवार रात से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का कहर नैनीताल जिले में लगातार देखने को मिल रहा है। जहां एक तरफ भारी बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं, वहीं दूसरी ओर कई स्थानों पर भूस्खलन, जमीन धंसने और पहाड़ों से बड़े-बड़े बोल्डर गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके चलते जिले में जगह-जगह सड़कें बंद होने से यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है और लोगों की जान-माल का खतरा भी बना हुआ है।

बताते चले कि बीती रात से नैनीताल जिले में लगातार भारी बारिश हो रही है। जिसके कारण नैनीताल-कालाढूंगी मुख्य मार्ग बीती शाम करीब दो से तीन घंटे तक बाधित रहा। इसके अलावा नैनीताल-हल्द्वानी, नैनीताल-भीमताल और नैनीताल-अल्मोड़ा मार्ग पर भी कई स्थानों पर बारिश और मलबा आने के कारण यातायात बुरी तरह से बाधित रहा।
मंगलवार सुबह नैनीताल जनपद के भीमताल में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच एक तीन वर्षीय बालिका घर के निकट नाले के तेज बहाव में बह गयी। लगभग आधा किलोमीटर तक बहने के बाद बालिका भीमताल झील के बोट स्टैंड के निकट मिली, जहां से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भीमताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
वहीं ज्योलिकोट क्षेत्र में पहाड़ से गिरा एक बड़ा बोल्डर एक कार के ऊपर जा गिरा। गनीमत रही कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। घटना के बाद क्षेत्र में लोगों में दहशत का माहौल है।
नैनीताल जिले के नजदीकी ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और भी चिंताजनक बनी हुई है। लगातार बारिश के कारण गांवों के अंदरूनी मार्ग कई स्थानों पर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच बीती रात से लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट के बीच जिलाधिकारी नैनीताल ने छात्र- छात्राओं की सुरक्षा के मद्देनजर 2 सितम्बर 2026 को कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों को बंद करने के निर्देश दिए हैं।जिलाधिकारी नैनीताल के निर्देश के तहत जिले के सभी शासकीय, अशासकीय, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में शिक्षण कार्य स्थगित रहेगा। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रहेंगे।
बताते चले किमौसम विभाग की ओर से अगले तीन दिनों में भी नैनीताल जिले में तेज बारिश का अनुमान जताया गया है। ऐसे में जरूरी है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और बेहद जरूरी होने पर ही सावधानी के साथ सफर करें। पहाड़ी मार्गों पर भूस्खलन और बोल्डर गिरने की आशंका को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।