कुविवि के कुलपति ने किया डी०एस०बी० परिसर में शिक्षकों से सीधा संवाद, शिक्षक अपनी पूरी मेधा और क्षमता का प्रयोग विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए करें – कुलपति प्रो० दीवान सिंह रावत

नैनीताल l कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल के कुलपति प्रो० दीवान सिंह रावत ने मंगलवार को डी०एस०बी० परिसर में शिक्षकों से सीधा संवाद किया। अपने संवाद में कुलपति ने शिक्षा की गुणवत्ता, शैक्षणिक परिसर, शोध एवं नवाचार, नीतिगत मुद्दों सहित अन्य विषयों पर बातचीत की एवं संबंधित विषयों में सुझाव भी मांगे।

विद्यार्थियों के हित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करने का आह्वान करते हुए कुलपति प्रो० रावत ने कहा कि बतौर शिक्षक हमें केवल विद्यार्थियों तथा संस्थान के लिए हमारे समर्पण व प्रतिबद्धता के लिए ही याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान की छवि इस बात से सीधे प्रभावित होती है कि वहां के विद्यार्थियों को कैसा अनुभव प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षण कार्य सबसे महत्वपूर्ण दायित्व के रूप में पूरे समाज में मान्य है जो पक्षपात पूर्ण रहित और किसी भी राजनीति से प्रेरित नहीं होता। इसलिए शिक्षकों का दायित्व है कि तन मन से अपनी पूरी मेधा और क्षमता का प्रयोग विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए करें।

कुलपति प्रो० रावत ने कहा कि विश्व के अच्छे विश्वविद्यालयों में हम काफी पीछे हैं। उच्च शिक्षा की गुणवत्ता के लिए ज्ञान, सृजन व चरित्र निर्माण करना महत्वपूर्ण है। शोध कार्य पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि नोबेल पुरस्कार शोध से ही प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को शिक्षा की गुणवत्ता हेतु नयी-नयी तकनीकी व स्वदेशी को युग अनुकूल बना कर हम वैश्विक परिदृश्य में पुनः विश्वगुरु बन सकते हैं।

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कुलपति प्रो० रावत ने कहा कि कुमाऊं विश्वविद्यालय को देश के अग्रणी विश्वविद्यालयों में सम्मिलित करने हेतु शिक्षा और शोध में नवाचार और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने की जरूरत है। वर्तमान समय में शिक्षक का काम केवल शिक्षा प्रदान करना नहीं है, बल्कि वह मल्टीटास्किंग चेंज एजेंट की तरह काम करता है। शिक्षक नवाचार के द्वारा पढा़ने में नवीन ज्ञान, कौशलों, दक्षताओं, शिक्षण विधियों, तकनीकों और अनुसंधान को प्रयोग में लाये जिससे छात्रों को उन कौशलों से अवगत कराकर उनकी प्रतिभा में निखार ला सकें।

उन्होंने कहा कि कुमाऊं विश्वविद्यालय की विरासत अत्यंत गौरवपूर्ण हैं। अपने कर्तव्यों का ईमानदारी व निष्ठापूर्वक तरीके से निर्वहन कर इस विरासत को आगे ले जाना हमारी ज़िम्मेदारी है। शिक्षक आपसी सामंजस्य बनाकर समस्याओं का समाधान निकाले। उन्होंने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के निवारण के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन हर संभव कदम उठाएगा।

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इस अवसर कुलपति प्रो० रावत ने यह भी बताया कि प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों की शिकायतों के निष्पादन हेतु ग्रीवेंस सेल का गठन कर दिया है। ग्रीवेंस सेल के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। प्राध्यापक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी अब विश्वविद्यालय की वेबसाइट के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं साथ ही 6 कार्यदिवसों के भीतर शिकायत का निष्पादन नहीं होने पर कुलपति को ईमेल के माध्यम से अवगत करा सकते हैं।

इससे पूर्व नवनियुक्त कुलपति प्रो० दीवान सिंह रावत के प्रथम बार परिसर आगमन पर परिसर निदेशक प्रो० एल०एम० जोशी, अधिष्ठाता छात्र-कल्याण प्रो० एल०एस० लोधियाल एवं मुख्य कुलानुशासक प्रो० नीता बोरा शर्मा के साथ ही सभी शिक्षकों द्वारा पुष्प-गुच्छ प्रदान कर एवं शॉल पहनाकर स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर सभी संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, सभी प्रकोष्ठों के प्रभारी, प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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