ज्योलिकोट में जल जनित रोगों की रोकथाम एवं शुद्ध पेयजल आपूर्ति हेतु उत्तराखण्ड जल संस्थान द्वारा युद्धस्तर पर कार्यवाही

नैनीताल, । गुरुवार को ज्योलिकोट परिक्षेत्र में जल जनित रोगों की रोकथाम एवं क्षेत्र में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के क्रम में उत्तराखण्ड जल संस्थान, नैनीताल द्वारा जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देशन में व्यापक कार्यवाही की गई।
अधिशासी अभियंता जल संस्थान नैनीताल ई पिल्लई द्वारा अवगत कराया गया कि समस्या ग्रस्त क्षेत्रों में 04 विभागीय टैंकरों व पिकअप के माध्यम से ज्योलीकोट के रामलीला ग्राउण्ड, डांक बंगला, ज्योलीकोट मार्केट, बेलुवाखान के अमुवा तोक एवं गांजा तोक के 110 परिवारों में लगभग 15,500 ली0 शुद्ध पेयजल आपूर्ति की गयी।
ज्योलीकोट हेतु देवलदुंगा की 500 मी0 लाईन की फ्लैशिंग की गयी एवं छीड़ा तोक की मुख्य पेयजल लाईन को फ्लैशिंग के उपरान्त टैंकर के माध्यम से पाईप लाईन से जोड़कर सम्बन्धित तोक में पेयजल आपूर्ति की गयी। पेयजल से सम्बन्धित विभिन्न स्तर पर प्राप्त 14 शिकायतों का निस्तारण किया गया।
अधीक्षण अभियन्ता व अधिशासी अभियन्ता, उत्तराखण्ड जल संस्थान, नैनीताल तथा विभागीय टीम द्वारा ज्योलीकोट के रामलीला ग्राउण्ड, दुर्गापुर वीरभट्टी स्रोत से पेयजल के सैम्पल एकत्र किये गये। सरियाताल वीरभट्टी की पुरानी पेयजल लाईन की जांच की गयी, जिसमें संतोषजनक क्लोरीनेशन पाया गया। वीरभट्टी के आसपास के जलपान गृहों को शुद्ध पेयजल के क्रम में जागरूक कर हाईपोक्लोराइड उपलब्ध कराया गया।
शेरमुख के स्रोत की जांच कर सफाई करायी गयी एवं विभिन्न स्थानों से पेयजल के 08 नमूने एकत्र किये गये। ज्योलीकोट में विभिन्न घरों में सर्वे कर शुद्ध पेयजल के सम्बन्ध में जागरूक कराया गया। सेन्ट एन्थोनीस स्कूल की पाईप लाईन की जांच की गयी एवं बेलुवाखान के अमुवा तोक एवं गांजा तोक में निरन्तर पेयजल आपूर्ति हेतु पाईप लाईन की मरम्मत का कार्य एवं टैंकों में क्लोरीनेशन करवाया गया।
दुर्गापुर स्थित सीवरेज ट्रीटमेन्ट प्लान्ट का निरीक्षण कर तत्काल प्रेमा साह जगाती स्कूल के समीप पूर्व में परिलक्षित श्राव के स्थायी रोकथाम हेतु 100 मी0 मुख्य सीवर लाईन का बाईपास किये जाने का कार्य प्रगति पर है।
दूषित जल की रोकथाम हेतु फ्लैक्सी पॉम्पलेट के माध्यम से प्रचार-प्रसार हेतु विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर सूचना चस्पा की गयी। ज्योलीकोट के ग्रामवासियों एवं जन-प्रतिनिधियों के सुझाव के क्रम में “जल जीवन मिशन” कार्यक्रम के अर्न्तगत बसानी/डाबर स्रोत से निर्मित 100 के0एल0 क्षमता के टैंक को मुख्य लाईन से जोड़कर पेयजल आपूर्ति सुचारू करने हेतु निरीक्षण किया गया।









