तपस्या शास्त्रीय नृत्य अकादमी का 15वां वार्षिकोत्सव हर्षोल्लास से संपन्न, 21 भरतनाट्यम प्रस्तुतियों ने जीता दिल

देहरादून। भारतीय संस्कृति से नई पीढ़ी को जोड़ने और शास्त्रीय नृत्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित तपस्या शास्त्रीय नृत्य अकादमी का 15वां वार्षिकोत्सव सेंट एग्नेस इंटर कॉलेज, नेशविला रोड के प्रेक्षागृह में बड़े उत्साह के साथ मनाया गया।
अकादमी पिछले 15 वर्षों से देहरादून में भरतनाट्यम शैली में नियमित प्रशिक्षण प्रदान कर रही है और सैकड़ों छात्राओं को शास्त्रीय नृत्य में पारंगत बना चुकी है।
इस अवसर पर छात्राओं द्वारा कुल 21 मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिनमें गणेश वंदना, हनुमान चालीसा, श्री राम वंदना, श्री कृष्ण वंदना, भगवान शिव स्तुति, गरबा और मंगलम शामिल थीं। सभी बच्चों की प्रस्तुतियों को ट्रॉफी और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि आचार्य हरिहरन महाराज ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में लक्ष्मी अग्रवाल, अधिवक्ता मुकेश आनंद, रश्मि चौहान, पुष्पेंद्र सिंह चौहान, सिस्टर शालिनी रावत और डॉ. सुशील कुमार त्यागी उपस्थित रहे।
मुंबई से पधारे प्रसिद्ध रामकथा वाचक और आध्यात्मिक गुरु परम आदरणीय आचार्य हरिशरण महाराज ने मुख्य अतिथि के रूप में अकादमी को 15 वर्ष की सफलता पर बधाई दी और प्रस्तुतियों की सराहना की।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि अकादमी द्वारा शास्त्रीय नृत्य के माध्यम से बहुत अच्छे कलाकार तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “यदि आप चाहते हैं कि लक्ष्मी आपके साथ रहे तो आपका आचरण विष्णु जैसा होना चाहिए, यदि शक्ति चाहिए तो आचरण शिव जैसा और यदि सरस्वती चाहिए तो आचरण ब्रह्मा जी जैसा होना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि महादेव ही नृत्य की आत्मा हैं, क्योंकि यह वह नृत्य शैली है जिसमें भाव और मुद्राओं के बावजूद ध्यान प्रार्थना पर केंद्रित रहता है।
समारोह के दौरान अजय त्यागी और अनुराधा त्यागी, वरिष्ठ पत्रकार एम. फहीम ‘तनहा’ और चंद्रा आहूजा, मल्लिका कालधारण, चारु सिंह, अमुष्का गंभीर, हिमांशु सोनकर, अरमान सक्सेना, मनीष उनियाल और अरमान शेख को सामाजिक क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय कार्य और सहयोग के लिए ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में सभी अतिथियों को अकादमी के अध्यक्ष डॉ. अमरदीप, गुरु डॉ. माया वी. सक्सेना और संरक्षक जगदीश बाबला द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। कार्यक्रम का संचालन कुमारी चारु द्वारा बहुत ही भावपूर्ण तरीके से किया गया, जिसकी सभी ने सराहना की।
समारोह के दौरान डॉ. स्वामी एस. चंद्रा, रूपचंद गुरुजी, आयुष कुमार, वंदना श्रीवास्तव, विक्टोरिया ज्ञान, रचना सोनकर, अर्जुन सोनकर, मोहन बहुगुणा, रमेश बुटोला उर्फ रामू भाई और डॉ. एस. एन. पांडे को भी समाज सेवा के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन सुश्री चारू ने किया।

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