संगीत विभाग में तबला एकल वादन एवं लयकारी पर विशेष कार्यक्रम आयोजित

नैनीताल। कुमाऊँ विश्वविद्यालय के संगीत विभाग में आज आयोजित विशेष सांगीतिक कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम में प्रो. ललित तिवारी, आमंत्रित कलाकार डॉ पवन सेम, विभागाध्यक्ष संगीत विभाग डॉ. रवि जोशी एवं डॉ अशोक कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।कार्यक्रम में राजस्थान संगीत संस्थान, जयपुर में तबला विषय के सहायक प्राध्यापक डॉ पवन सेम ने तबला एकल वादन की प्रस्तुति दी तथा भारतीय शास्त्रीय संगीत में लय और लयकारी के विभिन्न प्रयोगों पर व्याख्यान दिया। डॉ पवन सेम आकाशवाणी एवं ऑल इंडिया रेडियो, दिल्ली के ए ग्रेड कलाकार हैं। वे इंदौर के प्रतिष्ठित तबला गुरु पंडित विलास खरगोनकर के शिष्य रहे हैं।अपनी प्रस्तुति के दौरान उन्होंने दिल्ली, अजराड़ा एवं पंजाब घराने की विशिष्ट तबला वादन शैलियों का प्रदर्शन किया। साथ ही, तबला एकल वादन में लय, लयकारी, ताल के विविध प्रयोगों और उनकी कलात्मक अभिव्यक्ति को विस्तार से समझाया। उनकी प्रस्तुति ने श्रोताओं को भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध तबला परंपरा और उसकी तकनीकी बारीकियों से परिचित कराया।कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के प्राध्यापक, शोधार्थी, विद्यार्थी एवं संगीतप्रेमी उपस्थित रहे। इनमें प्रो. ललित तिवारी, प्रो. एल.एस. लोधियाल, प्रो. लज्जा भट्ट, प्रो. अनिल बिष्ट, प्रो. जिबू साहू, डॉ.कपिल खुल्बे, डॉ. कुबेर गिनती, डॉ. दीपक मेलकानी, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. पूजा जोशी, डॉ. पंकज भट्ट, डॉ. अलंकार महतोलिया , डॉ. संध्या यादव, डॉ. लक्ष्मी धस्माना एवं श्रीमती बबीता लोहनी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।कार्यक्रम विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए भारतीय शास्त्रीय संगीत की विभिन्न घराना परंपराओं, तबला वादन की तकनीकों तथा लयकारी के व्यावहारिक पक्ष को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर रहा।













