ढोली गांव स्वास्थ्य केंद्र का मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने औचक निरीक्षण किया
नैनीताल, । ओखलकांडा विकासखंड के ढोली गांव स्थित स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक समेत कर्मचारियों की अनुपस्थिति संबंधी समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी नैनीताल डॉ. रश्मि पंत द्वारा तत्काल जांच एवं औचक निरीक्षण के निर्देश दिए गए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देशों पर डॉ. गणेश धरमशत्रु के नेतृत्व में टीम द्वारा ढोली गांव स्थित स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय स्वास्थ्य केंद्र में तैनात नर्सिंग अधिकारी एवं फार्मेसी अधिकारी उपस्थित पाए गए।
निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजिका एवं कार्मिकों की तैनाती से संबंधित अभिलेखों की गहन जांच की गई। जांच में पाया गया कि वर्तमान में स्वास्थ्य केंद्र में 03 नर्सिंग अधिकारी, जिनमें 02 नियमित एवं 01 संविदा, 01 फार्मेसी अधिकारी तथा 01 एएनएम तैनात हैं। वहीं चिकित्सा अधिकारी, स्वच्छक एवं वार्ड बॉय के पद रिक्त चल रहे हैं।
दिनांक 06 जुलाई 2026 को स्वास्थ्य केंद्र में मात्र एक कर्मचारी की उपस्थिति संबंधी प्रकरण पर समस्त कर्मचारियों से गहन पूछताछ की गई। जांच में पाया गया कि दो नर्सिंग अधिकारी एवं एएनएम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ओखलकांडा में आयोजित एमपीआर बैठक में प्रतिभाग करने गए थे। इसकी पुष्टि प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ओखलकांडा एवं उपस्थिति पंजिका से की गई। वहीं एक नर्सिंग अधिकारी स्वास्थ्य केंद्र में उपस्थित थीं।
जांच में यह भी पाया गया कि फार्मेसी अधिकारी दिनांक 06 जुलाई 2026 को स्वास्थ्य केंद्र में अनुपस्थित थे तथा उनके द्वारा उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर नहीं किए गए थे। अनुपस्थिति के संबंध में उनके द्वारा कार्यालय को किसी प्रकार की पूर्व सूचना भी नहीं दी गई थी।
उक्त प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए फार्मेसी अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही प्रभारी अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि अग्रिम आदेशों तक फार्मेसी अधिकारी का दिनांक 06 जुलाई 2026 का वेतन आहरित न किया जाए।
डॉ. गणेश धरमशत्रु ने बताया कि वर्तमान में ढोली गांव स्थित स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा अधिकारी का पद रिक्त चल रहा है। चिकित्सा अधिकारी की तैनाती के संबंध में महानिदेशालय को पूर्व में पत्राचार किया जा चुका है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी नैनीताल डॉ. रश्मि पंत ने स्पष्ट किया कि जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनुशासनहीनता को गंभीरता से लिया जाएगा। सभी स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने निर्धारित कार्यस्थल पर समय से उपस्थित रहते हुए आमजन को बेहतर एवं सुचारु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।










