भीमताल में ठोस अपशिष्ट पर बेसलाइन सर्वेक्षण पूरा, ग्राफिक एरा के छात्रों ने किया काम
नैनीताल l खण्ड विकास कार्यालय भीमताल और नीलकंठ ज़ीरो वेस्ट सोसायटी की संयुक्त पहल पर ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी भीमताल के बीबीए तृतीय वर्ष के छात्रों ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का बेसलाइन सर्वे पूरा कर लिया है।
इंटर्नशिप के तहत छात्रों ने भीमताल विकासखण्ड की तीन न्याय पंचायतों के 23 गांवों के 304 परिवारों और नगर पालिका के सभी 9 वार्डों में घर-घर जाकर सर्वे किया। इस दौरान कचरा उत्पादन, संग्रहण व्यवस्था, स्रोत पर पृथक्करण, निस्तारण की वर्तमान प्रणाली और उपयोगकर्ता शुल्क देने की इच्छा पर डेटा जुटाया गया।सर्वे में सामने आया कि भीमताल नगर पालिका क्षेत्र में घर-घर कचरा संग्रहण की नियमित व्यवस्था है। ज्यादातर परिवार स्रोत पर ही गीला-सूखा कचरा अलग करते हैं और नागरिक व्यवस्था से संतुष्ट हैं। नगर पालिका रोजाना औसतन 8.4 टन कचरा उठाती है, जो पर्यटन सीजन में 9 टन प्रतिदिन तक पहुंच जाता है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति अलग है। अधिकांश परिवार अब भी पारंपरिक तरीकों पर निर्भर हैं। जैविक कचरा पशुओं को खिलाने में इस्तेमाल होता है, जबकि प्लास्टिक व अन्य अजैविक कचरा खुले में फेंका या जलाया जाता है। हालांकि, जागरूक ग्रामीण परिवार नियमित संग्रहण सेवा मिलने पर ₹50 प्रतिमाह तक शुल्क देने को तैयार है l खण्ड विकास अधिकारी ने बताया कि यह बेसलाइन डेटा भविष्य में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वैज्ञानिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजना बनाने में मदद करेगा। यह अध्ययन शोधार्थियों के लिए भी उपयोगी रहेगा। उन्होंने नीलकंठ ज़ीरो वेस्ट सोसायटी, नगर पालिका और ग्राफिक एरा के छात्रों व शिक्षकों का आभार जताया। कहा कि प्रशासन, शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों का यह सहयोग स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल भीमताल बनाने की दिशा में अनुकरणीय पहल है। भविष्य में भी ऐसी सहभागिता जारी रहेगी।









