आर्य युवा शिविर का चतुर्थ दिवस, जीवन में सद्गुण धारे-चन्द्रशेखर शास्त्री
नैनीताल । केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में एमिटी इंटरनेशनल स्कूल सेक्टर 44 नोएडा में चल रहे आर्य युवक चरित्र निर्माण शिविर के चौथे दिन वैदिक विद्वान आचार्य चंदशेखर शास्त्री ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि सदगुणों को धारण करें।जब निम्न सात सदगुण सत्य,सरल- सकारात्मकता,संतोष,सहयोग, समय,सेवा और श्रद्धा तो जीवन केवल सफल नहीं रहता, बल्कि संतुलित,सुंदर और सार्थक बन जाता है।उन्होंने आगे कहा की मांस अंडे नशे से बचना चाहिए।दुर्गंण त्याग कर अपने जीवन को आदर्श बनाना चाहिए जिससे अन्य लोग प्रेरणा ले सके।
समारोह की अध्यक्षता युवा नेता देवेन्द्र आर्य बंधु ने की उन्होंने युवा शक्ति को आर्य समाज से जुड़ने का आह्वान किया।
परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि मान अपमान से ऊपर उठकर कार्य करे।बहादुर कब किसी का आसरा एहसान लेते हैं वही कर गुजरते हैं जो मन में ठान लेते हैं।उन्होंने आगे कहा कि देश का बहुसंख्यक वर्ग आज युवा शक्ति है उसे सही दिशा देने की आवश्यकता है।राष्ट्र की समस्याओं का समाधान युवा ही निकालेंगे।देश की दिशा व दशा युवा ही बदल सकते हैं।
राष्ट्रीय महामंत्री महेन्द्र भाई ने बताया कि शिविर का मूलभूत उद्देश्य शिविरों के माध्यम से बच्चों में संस्कारों का बीजारोपण करना है।उन्होंने आगे कहा कि गायत्री मंत्र के जप से बुद्धि तीव्र होती है,पाठ जल्दी याद होता है,नींद अच्छी आती है।अपना लक्ष्य बड़ा निर्धारित करें और उसे लगन मेहनत से प्राप्त करें।
गायिका प्रवीण आर्या पिंकी एवं कमल आर्य के देश भक्ति के गीतों को सुनकर श्रोता झूम उठे।
राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने मंच का कुशल संचालन किया,महेन्द्र भाई ने धन्यवाद ज्ञापन किया तथा शिविरार्थिओं को बुराइयों को छोड़ने और अच्छाइयों को ग्रहण करने का संकल्प कराया।
प्रमुख रूप से रमेश योगाचार्य, यज्ञवीर चौहान,अरुण आर्य,संगठन मंत्री सौरभ गुप्ता एवं आस्था आर्या आदि मौजूद रहे।











