हरेला पर्व पर कुमाऊँ विश्वविद्यालय के पटवाडांगर परिसर में 300 पौधों का रोपण, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

नैनीताल, 16 जुलाई। उत्तराखण्ड के लोकपर्व हरेला के अवसर पर कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल के पटवाडांगर परिसर में एनसीसी कैडेटों, विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों द्वारा वृहद वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत विश्वविद्यालय परिसर में लगभग 300 पौधों का रोपण किया गया। इस दौरान तेजपत्ता, पुतली, पदम, हरड़ , बहेड़ा तथा जामुन सहित स्थानीय एवं पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रजातियों के पौधे लगाए गए। साथ ही परिसर की साफ-सफाई कर स्वच्छ एवं हरित वातावरण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुमाऊँ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (कर्नल) दीवान एस. रावत ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि हरेला केवल उत्तराखण्ड का पारंपरिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी आस्था और पर्यावरण संरक्षण का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई और बढ़ते प्रदूषण जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाना समय की आवश्यकता है। विश्वविद्यालय केवल उच्च शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक एवं पर्यावरणीय उत्तरदायित्वों के निर्वहन का भी माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं एनसीसी कैडेटों से आह्वान किया कि वे लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करें तथा समाज में पर्यावरण संरक्षण का संदेश घर-घर तक पहुँचाएँ।
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों एवं अतिथियों ने भी पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लिया।
इस अवसर पर प्रो. एच.सी.एस. बिष्ट, श्री यशपाल सिंह रावत, प्रो. महेन्द्र राणा, प्रो. आशीष मेहता, डॉ. कुबेर गिन्ती, डॉ. मनोज बिष्ट, डॉ. पूरन अधिकारी, डॉ. मोहित रौतेला, हर्षवर्धन चौधरी सहित 79 यूके बटालियन एनसीसी के सूबेदार प्रदीप रोका, कंपनी हवलदार मेजर (सीएचएम) किशोर सिंह एवं हवलदार जीवन सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम में एनसीसी कैडेटों, विद्यार्थियों एवं विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।