ई-स्कूटर में 8 महीने पुरानी बैटरी देना पड़ा भारी, उपभोक्ता आयोग ने डीलर और निर्माता कंपनी पर लगाया जुर्माना ।
नैनीताल। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, नैनीताल ने सेवा में कमी और अनुचित व्यापारिक व्यवहार के एक मामले में ई-स्कूटर डीलर ‘बेतिया ट्रेडर्स’ (हल्द्वानी) और निर्माता कंपनी ‘निस्को इलेक्ट्रा’ (सोनीपत, हरियाणा) के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। आयोग के अध्यक्ष रमेश कुमार जायसवाल और सदस्य लक्ष्मण सिंह रावत की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए दोनों विपक्षीगणों को संयुक्त या पृथक रूप से शिकायतकर्ता को स्कूटी में लगी ‘लेड एसिड बैटरी’ की वर्तमान बाजार कीमत की आधी राशि लौटाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही उपभोक्ता को हुई मानसिक प्रताड़ना के लिए 20,000 रुपये क्षतिपूर्ति और 10,000 रुपये वाद व्यय के रूप में भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समयावधि के भीतर आदेश का पालन न करने पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 71 और 72 के तहत कानूनी कार्रवाई (वसूली या कारावास) की चेतावनी भी दी गई है।
यह मामला हल्द्वानी निवासी श्रेया अग्रवाल (प्रोप्राइटर मेसर्स भगवती ट्रेडर्स) से जुड़ा है, जिन्होंने 22 जून 2022 को 65,400 रुपये में एक निस्को इलेक्ट्रा ई-स्कूटर खरीदा था। खरीद के महज 4 महीनों के भीतर ही वाहन में बैटरी ब्रेकडाउन, लो पिकअप और चार्जिंग जैसी गंभीर समस्याएं आने लगीं, जिससे परेशान होकर उपभोक्ता को कई बार वाहन टो करके घर लाना पड़ा। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि बिक्री के समय स्कूटर में लगी बैटरी करीब 8 महीने पुरानी (अक्टूबर 2021 की निर्मित) थी, जिसके कारण 1 साल की वारंटी अवधि में से उपभोक्ता को केवल 4 महीने का ही लाभ मिल सका। आयोग ने माना कि विक्रेता और निर्माता कंपनी द्वारा इस तथ्य को छिपाना जानबूझकर की गई सेवा में कमी और ग्राहकों के साथ धोखा है, जिसके आधार पर यह न्यायसंगत फैसला सुनाया गया। अधिवक्ता आयुष अग्रवाल ने मामले की पैरवी की।









