अंकिता हत्याकांड: हाईकोर्ट में 20 जुलाई को सुनवाई

नैनीताल l अंकिता भंडारी हत्याकांड में सजा पाए तीनों दोषियों की अपील पर नैनीताल हाईकोर्ट में 20 जुलाई को सुनवाई होगी। एडीजे कोर्ट कोटद्वार ने पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित उर्फ पुलकित गुप्ता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ दोषियों ने उच्च न्यायालय में अपील दाखिल की है।
उत्तराखंड महिला मंच ने शनिवार को पत्रकार वार्ता कर कहा कि वह सहयोगी जन संगठनों के साथ अंकिता को न्याय दिलाने की लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। मंच ने आरोप लगाया कि शुरुआत से ही मामले में ढिलाई बरती गई। जनता के भारी आक्रोश के बाद ही गिरफ्तारी और सजा हो सकी। मंच की संयोजक कमला पंत ने कहा कि हत्याकांड के चार साल बाद भी कई सवाल अनुत्तरित हैं। घटना के तुरंत बाद रिसॉर्ट में अंकिता का कमरा और रिसेप्शन बुलडोजर से तोड़कर सबूत मिटाए गए। अंकिता की आखिरी चैट में वीआईपी का जिक्र होने और पुलकित आर्य व अंकिता दोनों के फोन बरामद न होने के बावजूद वीआईपी के सवाल को टाला गया। सोशल मीडिया पर नाम आने पर भी न मुकदमा हुआ, न पूछताछ। महिला मंच ने बताया कि 7 जनवरी को मुख्यमंत्री ने अंकिता के माता पिता को बुलाकर सीबीआई जांच का आश्वासन दिया था। छह महीने बीतने के बाद भी सीबीआई ने परिवार से कोई संपर्क नहीं किया। मंच ने सवाल उठाया कि जब माता पिता ने 7 जनवरी को ही मुख्यमंत्री को पत्र सौंप दिया था, तो किसी अन्य व्यक्ति के पत्र पर सीबीआई जांच की संस्तुति क्यों दी गई। मंच का कहना है कि अंकिता को न्याय तभी मिलेगा जब दोषियों की सजा मृत्युपर्यंत हो। बयान में कहा गया, “क्या अंकिता का जुर्म यह था कि उसने रिसॉर्ट मालिक के कहने पर वीआईपी को स्पेशल सर्विस देने से ‘ना’ कहा? क्या महिलाओं की ‘हां’ और ‘ना’ का कोई महत्व नहीं?” मंच ने कहा कि नियोक्ता की जिम्मेदारी कर्मचारी की सुरक्षा की थी, लेकिन सुनियोजित साजिश के तहत उसी ने कत्ल कर दिया। महिला मंच ने कहा कि पिछले चार साल से जनता लगातार आंदोलनरत है। मंच ने धरना प्रदर्शन से लेकर सीबीआई कार्यालय देहरादून में तालाबंदी तक की है। आरोप लगाया गया कि सरकार और प्रशासन ने साक्ष्यों को मिटाने और अपराधियों को संरक्षण देने का काम किया। इस दौरान उमा भट्ट, शीला रजवार, माया चिलवाल, कमला पंत, भावना भट्ट, राजीव लोचन साह, दिनेश उपाध्याय, चंपा उपाध्याय, गायत्री दारमवाल, विकल्प पांडे, शीला आदि मौजूद रहे।

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