नगर पालिका बोर्ड बैठक हंगामें की भेंट चढ़ी

नैनीताल। शनिवार को नगर पालिका बोर्ड की बैठक भारी हंगामा, और शोर शराबा तथा आरोप और प्रत्यारोप की भेंट चढ़ गई । बैठक ठीक 12 बजे से शुरू हुई, बैठक शुरू होते ही सभासदों ने लगातार सवाल पूछने शुरू कर दिए । बैठक के दौरान सभासदों ने पालिका अध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी से कई सवाल किए। सवालों का जवाब न मिलने पर सभासद कुर्सी छोड़कर फर्श में बैठ गए तथा इस दौरान सवालों के जवाब को लेकर नारेबाजी करने लग गए । लेके ब्रिज टेंडर तथा अन्य टेंडरों को लेकर सभासदों ने बखेड़ा कर दिया । इस दौरान आरोप प्रत्यारोप भी लगाए गए । अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा ने आरोप लगाया कि कुछ सभासदों द्वारा यहां का माहौल आप किया जा रहा है उन्होंने कहा कि यहां काम करना काफी मुश्किल है उन्होंने सभी कर्मचारियों को बैठक छोड़ने को कहा इसके बाद सभी कर्मचारी बैठक छोड़कर बाहर आ गए । इस दौरान अधिशासी अधिकारी व सभासदों के दौरान काफी गहमा गहमी भी हुई । दोनों ने एक दूसरे पर जमकर आरोप वह प्रत्यारोप लगाए । पूरी बैठक हंगामें के बीच समाप्त हो गई । अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा ने बताया की 2 दिन पूर्व लेक ब्रिज पर दो पहिया वाहनों से ₹100 लिया जा रहा था अब उसे नहीं लिया जाएगा । भारी विरोध को देखते हुए अब इसे पालिका बोर्ड बैठक में निरस्त कर दिया गया है । लेक ब्रिज मैं दोपहिया वाहनों से वसूली को लेकर नगर के लोगों में भारी आक्रोश था तथा भारतीय जनता पार्टी ने पालिका अध्यक्ष का पुतला भी दहन किया था । पालिका के सभासद जितेंद्र पांडे ने बताया कि पालिका द्वारा बिना सभासदों की राय लिए टेंडर किए गए, उन्होंने कहा कि यदि पूर्व में टेंडर प्रक्रिया ठीक हुई होती तो आज यह नौबत नहीं आती उन्होंने सभी टेंडरो की जांच की मांग भी की। पूर्व में हुए सभी टेंडरो की जांच की जाए ।
बाइट – नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा महीने बाद हुई नगर पालिका बोर्ड की बैठक शनिवार को हंगामे की भेंट चढ़ गई। पालिका सभागार में 12 बजे बैठक शुरू होते ही सभासदों ने अध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल और अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा पर सवालों की बौछार कर दी। जवाब न मिलने पर आक्रोशित सभासद फर्श पर बैठ गए और “सवालों के जवाब दो” के नारे लगाने लगे।
लंबे समय बाद बुलाई गई बैठक में सभासदों का गुस्सा सबसे ज्यादा लेकब्रिज टोल टेंडर को लेकर फूटा। सभासदों ने आरोप लगाया कि पालिकाध्यक्ष ने बोर्ड में प्रस्ताव रखे बिना ही 21 महीने का टेंडर कर दिया। इससे न सिर्फ बोर्ड की गरिमा को ठेस पहुंची बल्कि नगर पालिका पूरे उत्तराखंड में बदनाम हुई।
सभासदों ने दोपहिया वाहनों से 100 रुपये की वसूली का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि ठेकेदार को फायदा पहुंचाने के लिए बाइक से अवैध वसूली करवाई गई। जब इसका भारी विरोध हुआ तो आनन-फानन में पालिकाध्यक्ष ने वसूली पर रोक लगाई। सभासदों का आरोप है कि बोर्ड को दरकिनार कर मनमाने फैसले लिए जा रहे हैं। बैठक में बार-बार सवाल पूछे गए, लेकिन अध्यक्ष और ईओ दोनों ही चुप्पी साधे रहे। जवाब न मिलने से नाराज सभासद कुर्सी छोड़कर फर्श पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी की। इसके बाद भी कोई जवाब नहीं आया। सभासदों ने कहा कि बोर्ड लोकतंत्र की सबसे बड़ी संस्था है। अगर बोर्ड की बैठकें नहीं होंगी और सवालों के जवाब नहीं मिलेंगे तो नगर पालिका चलाना संभव नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि अब इस मामले को उच्च स्तर तक ले जाया जाएगा।

यह भी पढ़ें 👉  डीएसबी परिसर में आयोजित किया गया अभिनन्दन व सम्मान समारोह आयोजित किया गया

Advertisement
Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad